सलूंबर जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने जिले में वायरल एन्सेफेलाइटिस के संभावित खतरे को देखते हुए सीएमएचओ डॉ. महेंद्र परमार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश लसाड़िया सहित अन्य खंडों में बीमारी की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु दिए गए हैं। पूरे जिले में होगी स्क्रीनिंग कलेक्टर ने जिले के सभी बच्चों की स्वास्थ्य जांच (स्क्रीनिंग) के लिए विशेष टीमें गठित करने का निर्देश दिया है। इन टीमों में सीएचओ, एएनएम, आशा कार्यकर्ता और मेडिकल ऑफिसर शामिल होंगे। लक्षण पाए जाने पर बच्चों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। यदि कोई रेफर किया गया मरीज अस्पताल जाने से मना करता है, तो तत्काल संबंधित उपखंड अधिकारी को सूचित किया जाएगा। उपखंड अधिकारी मरीज को समझाकर अनिवार्य रूप से अस्पताल पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे। वेक्टर जनित रोगों पर नियंत्रण के लिए बड़े पैमाने पर फॉगिंग, एंटी-लार्वा गतिविधियां और साफ-सफाई का सघन अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। झोलाछाप डाॅक्टर्स पर कार्रवाई को-मॉर्बिड और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों में विशेष चिकित्सकीय ध्यान और निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों या भ्रामक इलाज का दावा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके क्लिनिक सील करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के सभी बच्चों की भी स्क्रीनिंग की जाएगी। इस कार्य में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी और उप निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग को स्वास्थ्य विभाग को पूर्ण सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। जागरूकता और बचाव कार्यों के लिए सामुदायिक आउटरीच गतिविधियों में समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों एवं जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। अफवाहों पर रोक लगाने और जनता तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए विभाग द्वारा की गई कार्रवाई और वर्तमान स्थिति का बुलेटिन अधोहस्ताक्षरकर्ता की अनुमति के बाद ही जारी किया जाएगा। इन सभी दिशा-निर्देशों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि बच्चों में बीमारी के कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें।