सलूंबर में राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार हरि प्रकाश मीणा को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण, पदोन्नति और अन्य लंबित मांगों के समाधान की मांग को लेकर दिया गया। जिला अध्यक्ष स्वरूपसिंह शक्तावत बाणा के नेतृत्व में पहुंचे शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संगठन व्यापक आंदोलन करेगा। संघ ने ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2018 के बाद से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण नहीं हुए हैं। इससे हजारों शिक्षक वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं, जिससे उन्हें पारिवारिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय पदोन्नति समिति गठित करने की मांग इसके अतिरिक्त, पिछले छह शिक्षा सत्रों से वरिष्ठ अध्यापक पद पर पदोन्नति नहीं हुई है। शिक्षकों ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) गठित करने की मांग की। शिक्षकों ने वित्त विभाग द्वारा जून 2026 में जारी सर्कुलर को वापस लेने की भी मांग की। उन्होंने उच्च पद पर पदोन्नति के बाद राजस्थान सेवा नियम (आरएसआर) के नियम 24 व 26 के तहत वेतन संरक्षण का लाभ देने की अपील की। इसके साथ ही, सरकारी विद्यालयों में कार्यरत तृतीय श्रेणी शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से छूट देने और सेवा अनुभव के आधार पर व्यावहारिक राहत प्रदान करने की मांग भी उठाई गई। अन्य मांगों में जर्जर विद्यालय भवनों की शीघ्र मरम्मत, छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति और वर्ष 2015 के स्टाफिंग पैटर्न को लागू करना शामिल है। शिक्षकों और कर्मचारियों के पेंशन, जीपीएफ, स्टेट इंश्योरेंस एवं अर्जित अवकाश से जुड़े लंबित भुगतानों को शीघ्र जारी करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। ये रहे मौजूद ज्ञापन सौंपते समय झलारा ब्लॉक अध्यक्ष कन्हैयालाल सरवर, सराड़ा ब्लॉक अध्यक्ष वेलचंद पटेल, सेमारी ब्लॉक अध्यक्ष विजय सिंह चौहान, सलूंबर ब्लॉक अध्यक्ष रुपेश मीणा, प्रदेश प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह शक्तावत सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।