राजस्थान में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) 2026 के प्रारूप को जनहितकारी बनाने के लिए सलूम्बर में मंगलवार को दूसरे दिन भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जनसुनवाई हुई। इसमें नागरिकों ने लिखित प्रपत्र के माध्यम से भी अपने सुझाव दर्ज कराए। जनसुनवाई की अध्यक्षता प्रारूप समिति के सदस्य और राजस्थान उच्च न्यायालय के अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबा ने की। सलूम्बर जिला मुख्यालय स्थित सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के वीसी कक्ष से अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला सहित विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि वर्चुअली शामिल हुए। इस दौरान सलूम्बर जिले के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने संहिता के विभिन्न प्रावधानों पर अपने विचार रखे। उन्होंने संहिता को व्यवहारिक बनाने और जनहित से जुड़े पहलुओं को प्रारूप में शामिल करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इस तरह आम नागरिकों को सीधे अपनी राय संहिता के प्रारूप में शामिल कराने का मौका मिला। लिखित सुझाव लिए वीसी में शामिल प्रतिभागियों से निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से लिखित सुझाव भी लिए गए। इन सभी सुझावों को संकलित कर प्रारूप समिति के समक्ष विचार के लिए भेजा जाएगा। समिति इन सुझावों का अध्ययन कर संहिता के प्रारूप को अधिक व्यापक, व्यवहारिक और जनहितकारी बनाने पर विचार करेगी। अधिकारियों के अनुसार, जनसुनवाई प्रक्रिया का उद्देश्य विभिन्न समुदायों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आमजन की राय को सामने लाना है। दूसरे दिन की जनसुनवाई में भी प्रतिभागियों ने सक्रियता से अपनी बात रखी और प्रारूप को लेकर सुझाव दिए।