सलूम्बर जिले के बस्सी झुंझवात गांव में एक लेपर्ड ने हमला कर दो बछड़ों को मार डाला। इस घटना से गांव में दहशत फैल गई। मृत बछड़े कुबेर सिंह पुत्र केसर सिंह राठौड़ के थे, जो बस्सी गांव के निवासी हैं। पशुओं के चिल्लाने की आवाज पर पहुंचे ग्रामीण ग्रामीणों ने बताया कि सन्नाटे में अचानक पशुओं के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेपर्ड दोनों बछड़ों को गंभीर रूप से घायल कर चुका था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचित किया। वन विभाग की टीम ने लगाया पिंजरा सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। वन विभाग के कर्मचारी विजय सुथार ने बताया कि बस्सी गांव के प्रताप सिंह ने उन्हें फोन पर सूचना दी थी। टीम ने लेपर्ड की गतिविधियों को देखते हुए क्षेत्र में एक पिंजरा लगाया है, ताकि उसे जल्द पकड़ा जा सके। रात के समय खेतों पर नहीं जाने की अपील वन विभाग की टीम में विजय सुथार, नरेंद्र सिंह, विष्णु और प्रताप सिंह शामिल थे। टीम ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और रात के समय अकेले खेतों की ओर न जाने की अपील की है। ग्रामीणों ने जताई चिंता लेपर्ड की मौजूदगी के कारण बस्सी गांव और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। ग्रामीण अपने पशुओं को खुले में बांधने से कतरा रहे हैं, और किसान भी रात में खेतों पर जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि यदि वन विभाग ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की, तो भविष्य में किसी बड़ी जनहानि की आशंका हो सकती है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ाने और लेपर्ड को जल्द पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की है, ताकि गांव में फैली दहशत समाप्त हो सके।