सलूंबर जिले के लसाडिया क्षेत्र में एक लेपर्ड 70 फीट गहरे कुएं में जा गिरा। वन विभाग की टीम ने पहले एक पिंजरा कुएं में उतारा, लेकिन आबादी वाला क्षेत्र होने के कारण लेपर्ड पिंजरे में नहीं आया। इसके बाद वन अधिकारी (रेंजर) प्रताप सिंह चुंडावत कुएं में उतरे और अपनी ट्रैंक्विलाइजर गन से लेपर्ड को निशाना बनाया। लगभग 5 घंटे तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद लेपर्ड को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। यह घटना लसाडिया के कुण वन नाका क्षेत्र के धावड़ी गांव में हुई। लेपर्ड की उम्र करीब डेढ़ साल है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। अब देखिए, लेपर्ड के रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़ी 4 PHOTOS… किसान को कुएं दिखा लेपर्ड वन अधिकारी प्रताप सिंह चुंडावत ने बताया कि धावड़ी गांव में रहने वाले रूपलाल के खेत पर बिना मुंडेर का एक गहरा कुआं है। गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे रूपलाल कुएं पर मोटर डालने के लिए गए थे। अंधेरा होने की वजह से उन्हें कुछ नजर नहीं आया, लेकिन कुएं के अंदर पानी में हलचल और आहट हुई तो उन्होंने झांककर देखा। अंदर लेपर्ड को देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना कुण वन नाका पर दी। रेंजर खुद उतरे 70 फीट गहरे कुएं में चुंडावत ने बताया- सूचना मिलते ही सुबह 7 बजे वनपाल हिम्मत सिंह राठौड़ और वनरक्षक मौके पर पहुंचे। तुरंत लसाडिया के क्षेत्रीय वन अधिकारी हर्षवर्धन सिंह को हालात की जानकारी दी। कुआं करीब 70 फीट गहरा था, इसलिए उसे निकालना आसान नहीं था। उपवन संरक्षक सुरेश अग्रवाल और सहायक वन संरक्षक विक्रम सिंह राठौड़ के निर्देशन में एक स्पेशल रेस्क्यू टीम बनाई गई। टीम ने पहले एक पिंजरा कुएं में उतारा, लेकिन आबादी क्षेत्र होने की वजह से लेपर्ड पिंजरे के अंदर नहीं आया। इसके बाद अधिकारियों ने उसे बेहोश करने का फैसला लिया। जब पिंजरे से बात नहीं बनी, तो मुझे रस्सियों के सहारे 70 फीट गहरे कुएं में उतारा गया। कुएं के अंदर ही अपनी ट्रैक्यूलाइज गन से लेपर्ड को निशाना बनाया। 5 घंटे के बाद यह रेस्क्यू पूरा हुआ वन अधिकारी प्रताप सिंह चुंडावत ने बताया- लेपर्ड के बेहोश होते ही उसे सुरक्षित तरीके से पिंजरे में लेकर ऊपर खींच लिया गया। करीब 5 घंटे की भारी मशक्कत के बाद यह रेस्क्यू पूरा हुआ। लेपर्ड को रेस्क्यू के बाद डाईखेड़ा नर्सरी ले जाया गया, जहां उसे पशु चिकित्सक डॉ. जितेंद्र पांचाल की निगरानी में रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि लेपर्ड करीब डेढ़ साल का नर है और वह पूरी तरह फिट है मेडिकल चेकअप के बाद उसे फिर से सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा। इस रेस्क्यू में क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रताप सिंह चुंडावत, सुनील शर्मा, धनंजय सिंह, जगदीश पुरोहित, अजयपाल सिंह, विक्रम सिंह, राजेंद्र सिंह, पूर्णमल, ललित सिंह, राकेश कुमार, परवीन जनवा, सागर जनवा और पारस धाकड़ शामिल थे। इनपुट - भैरूलाल आमेटा, लसाड़िया।