सलूंबर में संत पीपा महाराज की जयंती के अवसर पर दर्जी समाज की ओर से पंचायती भवन में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने संत पीपा महाराज के आदर्शों को याद करते हुए सामाजिक एकता, शिक्षा और संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया। समारोह में समाज के वरिष्ठजन, युवा और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत समाज अध्यक्ष छगनलाल जागरिया, पूर्व अध्यक्ष सत्यनारायण देवड़ा और कार्यकारिणी सदस्यों ने संत पीपा महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर की। इसके बाद संत के जीवन और उनके संदेशों को याद करते हुए समाज के विकास और एकजुटता पर चर्चा की गई। समारोह के दौरान बच्चों और युवाओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। देशभक्ति गीतों और भक्ति भजनों पर प्रस्तुत किए गए कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। इन प्रस्तुतियों के जरिए समाज की उभरती प्रतिभाओं को मंच भी मिला और लोगों ने बच्चों का उत्साह बढ़ाया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों का सम्मान कार्यक्रम में शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही सह-शैक्षिक गतिविधियों में आगे रहने वाले युवाओं को भी मंच पर सम्मान देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। समाज के लोगों ने कहा कि शिक्षा ही युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला है। मेवाड़ी परंपरा के साथ भामाशाहों का हुआ सत्कार समारोह में समाज के भामाशाहों का मेवाड़ी परंपरा के अनुसार पगड़ी और उपरना ओढ़ाकर सम्मान किया गया। समाज के लोगों ने कहा कि ऐसे सहयोगी समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनकी भागीदारी से सामाजिक गतिविधियों को मजबूती मिलती है। एकता और भाईचारे को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया पूर्व अध्यक्ष सत्यनारायण देवड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की असली ताकत उसकी एकता और आपसी रिश्तों की मजबूती में होती है। उन्होंने कहा कि यदि समाज के सभी लोग परिवार की तरह जुड़े रहें तो किसी भी चुनौती का सामना आसानी से किया जा सकता है। मुख्य अतिथि छगनलाल जागरिया ने संत पीपा महाराज के जीवन, त्याग और आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को समाज के नवनिर्माण की धुरी बताते हुए कहा कि समाज की प्रगति में महिलाओं की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं को ‘मातृशक्ति’ बताते हुए समाज के हर निर्णय में उन्हें समान अधिकार और सम्मान देने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में संत पीपा महाराज की भव्य महाआरती की गई, जिसका लाभ अंबालाल शंकरलाल राठौड़ परिवार ने लिया। इस अवसर पर लक्ष्मीलाल देवड़ा, अंबालाल राठौड़, भगवती राठौड़, ललित जागरिया, रघुनाथ पंवार, जगदीश राठौड़, मोहन राठौड़, रमेश कुमार देवड़ा, बद्री पंवार, धनपाल पंवार, रवि रघुनाथ पंवार, छात्रसंघ अध्यक्ष विक्रम पंवार और रमेश राठौड़ सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।