सलूंबर जिले के वीरवा गांव की राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के स्टूडेंट्स ने स्कूल पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। बच्चे स्कूल के टीचर का ट्रांसफर करने का विरोध कर रहे हैं। हालांकि टीचर ने स्वैच्छिक ट्रांसफर लिया है, लेकिन बच्चों ने टीचर को वापस स्कूल में लाने की मांग की। टीचर को वापस लाओं के नारे लगाए ग्रामीणों ने बताया-टीचर हितपाल सिंह के मार्गदर्शन में छात्रों का शैक्षणिक स्तर सुधरा है। उनका ट्रांसफर बच्चों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। बच्चों ने हमारे टीचर को वापस लाओ के नारे लगाए। सड़क पर प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए स्थानीय मार्ग पर यातायात भी बाधित हुआ। स्कूल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। घटना की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के लोग मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों से शांति बनाए रखने और पढ़ाई बाधित न करने की अपील की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले को नियमानुसार उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा। टीचर बोले-10 साल में बच्चों से आत्मीय संबंध बना बच्चों के प्रदर्शन के बाद टीचर हितपाल सिंह ने बताया- मैंने 19 अगस्त 2016 को इस स्कूल में कार्यभार ग्रहण किया था। तब से लेकर अब तक उनका विद्यार्थियों के साथ बेहद आत्मीय रिश्ता रहा और बच्चों का उनसे विशेष लगाव बन गया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें 5 सितंबर 2024 को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से भी सम्मानित किया गया था। स्कूल में आवश्यकता के अनुसार उन्होंने अपने निर्धारित विषय के अलावा अन्य विषय भी पढ़ाकर विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी। हितपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण पूरी तरह उनकी स्वैच्छिक इच्छा पर हुआ है। जब विभाग ने स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए आवेदन मांगे थे, तब उन्होंने नियमानुसार स्वयं आवेदन किया था और अपनी इच्छा के अनुसार स्थानांतरण का विकल्प भरा था। विभाग द्वारा उसी आवेदन के आधार पर उनका स्थानांतरण किया गया है।