मानसिक रोगों और नशे की समस्या को छिपाने के बजाय समय पर उपचार लेने का संदेश देते हुए आयोजित जागरूकता शिविर में मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान भारत सरकार की मानसिक स्वास्थ्य टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-891-4416 की जानकारी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों से तुरंत सहायता ली जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि समय पर उपचार और सही परामर्श से मानसिक रोगों एवं नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। हेल्पलाइन और जागरूकता पर जोर शिविर में मरीजों एवं उनके परिजनों को भारत सरकार की मानसिक स्वास्थ्य टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-891-4416 की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी मानसिक परेशानी या परामर्श की आवश्यकता होने पर इस हेल्पलाइन के माध्यम से विशेषज्ञ सहायता प्राप्त की जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम रही मौजूद शिविर में चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. अरविंद शर्मा, डॉ. प्रवेश खटाना, जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की टीम, डीपीओ अंजू बाला, त्रिलोकेश्वर शर्मा, नर्सिंग अधिकारी गुलाब सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। समय पर इलाज की अपील स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि मानसिक रोगों और नशे जैसी समस्याओं को सामाजिक झिझक या बदनामी के डर से छिपाने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय सलाह और उपचार लें। उन्होंने कहा कि सही समय पर इलाज शुरू होने से मरीज के स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।