सरदारशहर में अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ, जिला चूरू शाखा के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और ग्राम साथिनों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से राज्य सरकार को एक ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने बताया कि वे लंबे समय से अल्प मानदेय पर काम कर रही हैं। पिछले चार माह से मानदेय का भुगतान न होने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। मंजू नाई ने आरोप लगाया कि मानदेय का भुगतान भी किस्तों में किया जाता है, जिससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। संघ ने ज्ञापन में चार माह से लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान, वर्ष 2022 से लंबित PMMVY भुगतान, वर्ष 2024 से लंबित CBE प्रोग्राम एवं डेटा चार्ज का भुगतान और डेढ़ वर्ष से लंबित भवन किराया जारी करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, कार्यकर्ताओं के स्थायीकरण, ग्रेच्युटी, सेवानिवृत्ति पर पेंशन तथा उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा देते हुए न्यूनतम ₹26,000 मासिक वेतन निर्धारित करने की भी मांग की गई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और लंबित भुगतान जारी नहीं हुआ, तो जिले की सभी तहसीलों में तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही, ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्य भी बंद कर दिए जाएंगे। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) चूरू, सीडीपीओ सरदारशहर, महिला पर्यवेक्षक और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई। इस अवसर पर सावित्री, कमला, सुमित्रा, कौशल्या, ममता, मंजू, कांता सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।