सवाई माधोपुर में प्रस्तावित 14 किलोमीटर लंबे सूरवाल–कुस्तला बाईपास सड़क निर्माण कार्य का ग्रामीणों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। यह 147 करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार होगी। ग्रामीणों का कहना है कि सूरवाल और गोठड़ा गांव की सीमा के पास बना लटिया नाला संकरा हो जाएगा। करीब 100 फीट चौड़े नाले में सड़क निर्माण के नाम पर सेफ्टी वॉल बनाने की तैयारी की जा रही है। जिसके लिए गड्ढे खोदे जा रहे हैं। नाले की चौड़ाई को घटाकर मात्र 20 से 25 फीट तक करने की योजना है। जिसका ग्रामीण और स्थानीय लोग विरोध कर रहे है। ग्रामीण पहले भी आपत्ति दर्ज करा चुके है ग्रामीणों के अनुसार कुछ दिन पहले सूरवाल निवासी रामकल्याण मीणा, हेमराज मीणा, रामराज मीणा, शंकरलाल गोठड़ा, विकास मीणा, अमर सिंह मीणा सहित अन्य लोगों ने मौके पर पहुंचकर आपत्ति दर्ज कराई थी। जिसके बाद निर्माण कार्य को कुछ दिनों के लिए रोक दिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नाले के भीतर सेफ्टी वॉल का निर्माण किया गया तो उसकी नेचुरल शेप और निकासी पूरी तरह बदल जाएगा। घरों और खेतों में पानी भरने की संभावना उनका आरोप है कि इससे बारिश के दौरान पानी का बहाव बाधित होगा। जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने के साथ-साथ आसपास के घरों, खेतों और अन्य संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। स्थानीय लोगों ने बताया- इस संबंध में वे कई बार जिला प्रशासन एवं जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर आपत्ति दर्ज करा चुके है। अधिकारी जानकारी उपलब्ध नहीं करवा रहे मामला वर्तमान में जिला स्थायी लोक अदालत में भी पेंडिंग है। ग्रामीणों का आरोप है कि सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) और निर्माण एजेंसी के अधिकारी अब तक मौके पर प्रस्तावित डिजाइन अथवा ड्राइंग के संबंध में स्पष्ट जानकारी न तो दे रहे और न ही उपलब्ध करवा रहे है। नेचुरल नाले से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं ग्रामीणों की मांग है कि नेचुरल नाले से किसी प्रकार की छेड़छाड़ किए बिना उसके ऊपर ब्रिज और पुलिया का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश का पानी जमा न हो। भविष्य में बाढ़ की स्थिति न बने। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और नाले से छेड़छाड़ की गई तो वे आंदोलन करेंगे।