सवाई माधोपुर में बिजली निगम के एईएन कार्यालय में मिलीभगत से डिमांड ड्राफ्ट की राशि में बदलाव करने का मामला सामने आया है। जिससे निगम को करीब 4.87 लाख रुपए का नुकसान है। दरअसल भंवर सिंह राजावत ने एक कॉमर्शियल बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। कार्यालय ने 3 अक्टूबर 2025 को 5 लाख 7 हजार 48 रुपए का डिमांड ड्राफ्ट जारी की थी। कंज्यूमर ने उस समय राशि जमा नहीं कराई थी। दोबारा उसी कनेक्शन के लिए नया डिमांड ड्राफ्ट जारी किया गया। इस बार डिमांड ड्राफ्ट की राशि घटाकर मात्र 12 हजार 950 रुपए कर दी गई। जो जमा भी करा दिए गए। दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान यह मामला उजागर हुआ। पूरा मामला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद बिजली निगम के उच्चाधिकारियों ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी है। अब समझिए क्या है पूरा मामला हम्मीर नगर नीम चौकी, पुराना शहर निवासी भंवर सिंह राजावत ने एक कॉमर्शियल बिजली कनेक्शन के लिए एईएन कार्यालय में आवेदन किया था। इस पर कार्यालय ने 3 अक्टूबर 2025 को 5 लाख 7 हजार 48 रुपए का डिमांड ड्राफ्ट जारी किया था, लेकिन कंज्यूमर ने उस समय राशि जमा नहीं कराई। इसके बाद 30 जून 2026 को उसी कनेक्शन के लिए नया डिमांड ड्राफ्ट जारी किया गया। इस बार डिमांड ड्राफ्ट की राशि घटाकर मात्र 12 हजार 950 रुपए कर दी गई। जिसके बाद एईएन धनराज मीणा की एसएसओ आईडी से 12 हजार 950 रुपए जमा कर दिए गए। एईएन ऑफिस की ओर से कम राशि जमा करने के बाद कंज्यूमर को तुरंत बिजली कनेक्शन जारी कर दिया गया। इससे बिजली निगम को करीब 4 लाख 87 हजार रुपए के राजस्व का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। मामला सामने आने के बाद बिजली निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। यह बोले जिम्मेदार अधिकारी सेक्शन इंजीनियर (SE) राम कैलाश ने बताया- मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित XEN से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं AEN धनराज मीणा का कहना ही बहुत सी फाइलें आती है। लाइनमैन और जेईएन की रिपोर्ट पर ही डिमांड जारी की जाती है‌। फाइल दिखवाने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा।