सवाईमाधोपुर में जिला कलेक्ट्रेट के सामने सड़क पर बैठीं महिला और हाथ में बैनर, जिस पर लिखा है- पेड़ काटने वालों ने मेरी दुकान तोड़ दी, मुकदमा दर्ज करो और मुआवजा दो। महिला कुसुम पत्नी नाथू सिंह ने बताया- बजरिया सब्जी मंडी के पास सिंचाई विभाग की दीवार के नजदीक स्थित दुकान संख्या-16 आवंटित है। सड़क निर्माण के लिए बिना पूर्व सूचना और बिना सुरक्षा व्यवस्था किए दुकान के सामने खड़े बड़े नीम के पेड़ को काट दिया। कटाई के दौरान पेड़ सीधे दुकान पर गिर गया, जिससे दुकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। अंदर रखा परचून का सामान भी खराब हो गया। दुकान से चलता था परिवार महिला ने बताया - वह अपने दिव्यांग पति और तीन बेटियों का पालन-पोषण इसी दुकान से करती थी। दुकान ही परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन थी। घटना के दौरान जब उसने और उसकी बेटी रजनी ने सामान बचाने की कोशिश की तो मौके पर मौजूद लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की। महिला ने आरोप लगाया - मौजूद लोगों ने उन्हें धमकाया और कहा ऊपर से पेड़ आगे गिरेंगे, यहां से हट जाओ वरना जान चली जाएगी। कुछ लोगों ने दबंगई दिखाते हुए यह भी कहा - जो करना है कर लो, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। कलेक्टर से कार्रवाई और मुआवजे की मांग पीड़िता ने एसपी और कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, अवैध पेड़ कटाई की जांच करवाने और नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। दुकान मुख्यमंत्री योजना के तहत आवंटित है। इसके बावजूद जिला प्रशासन द्वारा कहा गया कि रोड पर दुकान क्यों लगा रखी है। कार्रवाई नहीं होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी न्याय नहीं मिलने से परेशान पीड़िता अब धरने पर बैठ गई है। उसका कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, अधिकारियों की भूमिका की जांच नहीं होती और नुकसान का मुआवजा नहीं मिलता, तब तक उसका धरना जारी रहेगा।