जिले की सभी 8 पंचायत समितियों में प्रधान पदों के लिए आरक्षण की स्थिति पूरी तरह से साफ हो गई है। नए समीकरणों के तहत इस बार कुल 8 सीटों में से आधी यानी 4 सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित की गई हैं, जबकि शेष 4 सीटें ओपन श्रेणी में रखी गई हैं। महिला आरक्षण के तहत जिन 4 पंचायत समितियों को आरक्षित किया गया है, उनमें सवाई माधोपुर, बामनवास और बौंली को अनारक्षित (सामान्य) महिला के लिए रखा गया है। इसके अलावा मलारना डूंगर पंचायत समिति को अनुसूचित जाति (SC) महिला के लिए आरक्षित किया गया है। इन चारों सीटों पर केवल महिला उम्मीदवार ही प्रधान पद का चुनाव लड़ सकेंगी। दूसरी ओर, शेष 4 सीटें ओपन श्रेणी में रखी गई हैं, जहां पुरुष और महिला दोनों ही उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए पात्र होंगे। इनमें गंगापुर सिटी पंचायत समिति को अनारक्षित (ओपन) रखा गया है। वहीं, चौथ का बरवाड़ा को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) ओपन, खंडार को अनुसूचित जाति (SC) ओपन और वजीरपुर पंचायत समिति को अनुसूचित जनजाति (ST) ओपन घोषित किया गया है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद अब प्रधान पद के दावेदारों ने अपनी-अपनी पंचायत समितियों में चुनावी गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है। 8.26 लाख वोटर चुनेंगे प्रधान, प्रमुख सवाई माधोपुर जिले में 8 पंचायत समितियां है। इसमें 8 लाख 26 हजार 392 वोटर है। ये वोटर एक जिला प्रमुख, 8 प्रधान, 31 जिला परिषद सदस्य, 107 पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान करेंगे। इसके अलावा 263 सरपंच व 4 वार्ड पंच भी चुनेंगे। सर्वाधिक वोटर वाली पंचायत समिति बामनवास है। जहां 1,31,560 वोटर है। जबकि सबसे कम वोटर बौंली पंचायत समिति में 85034 है। सवाई माधोपुर के 8 प्रधान के आरक्षण की स्थिति जिला परिषद वार्ड (31) पंचायत समिति सवाई माधोपुर पंचायत समिति चौथ का बरवाड़ा पंचायत समिति खंडार पंचायत समिति गंगापुर सिटी पंचायत समिति बामनवास पंचायत समिति बौंली पंचायत समिति मलारना डूंगर पंचायत समिति वजीरपुर