कोटा रेल मंडल में बुधवार को एक महिला ने चलती ट्रेन में बेटे को जन्म दिया। मन्नारगुडी-जोधपुर एक्सप्रेस कोटा से सुबह रवाना हुई। इसके बाद महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। यात्रियों ने इसकी सूचना ‘रेल मदद’ एप के जरिए रेलवे को दी। सूचना मिलते ही कोटा वाणिज्य नियंत्रण कक्ष ने सवाई माधोपुर स्टेशन पर मेडिकल टीम को अलर्ट कर दिया। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही टीम ने महिला और नवजात की जांच कर आवश्यक इलाज दिया। दोनों स्वस्थ पाए गए। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया- महिला यात्री शारदा (26) अपने पति और परिवार की 5-6 महिला सदस्यों के साथ सामान्य श्रेणी के कोच में जोधपुर जा रही थीं। ट्रेन संख्या 22674 मन्नारगुडी-जोधपुर एक्सप्रेस सुबह 5:35 बजे कोटा स्टेशन से रवाना हुई थी। इसके कुछ देर बाद ही शारदा को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। डॉ. रामराज मीणा ने बताया- ट्रेन के सवाई माधोपुर स्टेशन पहुंचने से 30 मिनट पहले महिला ने बच्चे को जन्म दिया। परिवार की महिलाओं ने उसे संभाला। एक यात्री ने रेल मदद एप पर सूचना देकर मदद मांगी। ट्रेन के सवाई माधोपुर पहुंचने से पहले ही हमारी मेडिकल टीम प्लेटफॉर्म पर पहुंच गई। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही मेडिकल टीम ने दोनों को संभाला। जरूरी ट्रीटमेंट (नाल काटी) किए। ट्रेन करीब 10 मिनट स्टेशन पर रुकी महिला को हॉस्पिटल में भर्ती होने की सलाह दी। महिला ने खुद को स्वस्थ बताते हुए परिवार के साथ जोधपुर जाने की इच्छा जताई। यात्री ने रेल मदद से दी सूचना महिला की स्थिति को देखते हुए एक यात्री ने रेल मदद एप से कोटा वाणिज्य नियंत्रण कक्ष को सूचना दी। नियंत्रण कक्ष ने तुरंत सवाई माधोपुर के स्टेशन प्रबंधक देशराज मीणा को जानकारी दी। उन्होंने रेलवे हॉस्पिटल की मेडिकल टीम को अलर्ट किया और स्टेशन पर आवश्यक इलाज की व्यवस्था कराई। इसी दौरान ट्रेन में ही महिला ने एक बेटे को जन्म दे दिया। सुबह करीब 6:40 बजे ट्रेन सवाई माधोपुर स्टेशन पहुंची। यहां वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामराज मीणा, महिला स्वास्थ्य सहायक कविता, वरिष्ठ नर्सिंग अधीक्षक जावेद खान और नाइट वॉचमैन दिनेश की टीम ट्रेन तक पहुंची। मेडिकल टीम ने मां और नवजात की जांच की। दोनों की स्थिति सामान्य पाई गई। टीम ने प्रसव के बाद महिला को जरूरी इलाज और दवाइयां भी उपलब्ध कराईं। डॉक्टर ने मां और नवजात की सुरक्षा को देखते हुए महिला को ट्रेन से उतरकर हॉस्पिटल में भर्ती होने की सलाह दी। हालांकि महिला ने खुद को स्वस्थ बताते हुए परिवार के साथ जोधपुर तक यात्रा जारी रखने की इच्छा जताई।