सवाई माधोपुर में बामनवास उपखंड के एक सरकारी स्कूल में महिला टीचर के एक हजार रुपए गुम हो गए। टीचर ने 9वीं और 12वीं क्लास की छात्राओं के कपड़े उतरवाकर तलाशी ली। मामला 13 जुलाई का है। घटना से नाराज ग्रामीणों और छात्राओं के परिजनों ने 15 जुलाई को स्कूल के गेट पर ताला लगा दिया। करीब 5 घंटे तक प्रदर्शन किया। इसके बाद सीबीईओ प्रतिभा मीणा ने बुधवार को सीनियर टीचर सरस्वती मीणा को सस्पेंड कर दिया। वहीं वोकेशनल एजुकेशन इंस्ट्रक्टर (व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक) वंदना शर्मा को कार्यमुक्त कर दिया। 2 दिन बाद परिजनों को बताया तो हंगामा किया छात्राओं के अनुसार, 13 जुलाई को सीनियर टीचर सरस्वती मीणा के एक हजार रुपए खो गए थे। इस पर उनके समेत दो महिला टीचर्स ने सभी छात्राओं के कपड़े उतरवाकर तलाशी ली। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने डर के कारण उस समय यह घटना किसी को नहीं बताई। मंगलवार को टीचर सरस्वती मीणा छुट्टी पर चली गई। छात्राओं ने जब 15 जुलाई (बुधवार) को घटना की जानकारी परिजनों को दी तो आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल के गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह 8 से दोपहर एक बजे तक ग्रामीण प्रदर्शन करते रहे। सूचना मिलने पर सीबीईओ प्रतिभा मीणा मौके पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण लिखित कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। विवाद बढ़ने पर सीबीईओ ने टीचर सरस्वती मीणा को सस्पेंड कर दिया। शिक्षा विभाग कर रहा जांच संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा (भरतपुर) दलवीर सिंह ने बताया- जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक, सवाई माधोपुर की ओर से पेश रिपोर्ट के आधार पर सरस्वती मीणा के खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वहीं, व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा को उनकी सेवा प्रदाता (सर्विस प्रोवाइडर) कंपनी के लिए कार्यमुक्त किया गया है। कॉन्ट्रैक्ट पर थी वोकेशनल एजुकेशन टीचर स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया- व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक वंदना शर्मा पिछले दो साल से इस स्कूल में कार्यरत थीं। उनका सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट 31 जुलाई 2026 तक था। व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षकों की नियुक्ति जिला समग्र शिक्षा अभियान (समसा) के तहत सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के माध्यम से कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर की जाती है।