जालोर के सायला में एक स्कूल के 8वीं छात्र ने बंधक बनाकर मारपीट करने का केस दर्ज कराया है। छात्र ने प्रिंसिपल पर दो घंटे तक ऑफिस में रोककर पीटने का आरोप लगाया, जबकि स्कूल ने इसे फीस विवाद से जुड़ा मामला बताया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और छात्र का मेडिकल करवाया जा रहा है। पीड़ित छात्र के पिता ने सायला थाने में रिपोर्ट दी। उन्होंने बताया कि उनका बेटा छुट्टी के बाद बेटा रोते हुए घर पहुंचा और गुमसुम था। पूछने पर उसने डरते हुए बताया कि प्रिंसिपल ने शनिवार को लंच के दौरान उसे ऑफिस में बुलाया। छात्र ने बताया कि उसे करीब दो घंटे तक ऑफिस में रखा गया। इस दौरान उसे मुर्गा बनाया गया और पीठ पर लात-घूंसे मारे गए। तबीयत बिगड़ने पर उसे क्लास में ले जाकर सुला दिया गया। डराने का आरोप, पीठ पर मिले निशान छात्र के अनुसार उसे धमकाया गया कि घर पर बताया तो जान से मार देंगे और स्कूल से निकाल देंगे। पिता ने बताया कि बेटे की पीठ पर मारपीट के निशान थे और अंदरूनी चोटें भी आई हैं। पिता के आरोप, प्रिंसिपल ने नहीं मानी गलती पिता जब स्कूल पहुंचे तो प्रिंसिपल से बात की, लेकिन उन्होंने गलती मानने से इनकार कर दिया। आरोप है कि प्रिंसिपल ने बदतमीजी करते हुए कहा कि जो करना है कर लो, कुछ नहीं बिगाड़ सकते। सायला पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बच्चे का मेडिकल करवाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्कूल का पक्ष, आरोपों को बताया गलत प्रिंसिपल ने आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि फीस नहीं देने के कारण इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं और स्कूल को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। फीस के लिए छात्र से मारपीट करना गलत है। फीस नहीं मिलने पर पहले अभिभावक को नोटिस देना चाहिए। इसके बाद भी फीस नहीं आने पर उच्च अधिकारियों को सूचना देकर कानूनी प्रक्रिया अपनानी चाहिए। फीस विवाद से बचने के लिए नियम जरूरी उन्होंने बताया कि एडमिशन के समय फीस की पूरी जानकारी देना जरूरी है। हर भुगतान की रसीद देना अनिवार्य है। फीस मासिक आधार पर ली जानी चाहिए और किसी भी स्थिति में छात्र को शारीरिक दंड देने का प्रावधान नहीं है।