भास्कर न्यूज | बाड़मेर बाल वाहिनियों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार अब किसी भी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं है। शिक्षा निदेशालय ने सख्त हिदायत दी है कि यदि सरकारी या निजी स्कूलों द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, तो राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम, 1989 एवं नियम, 1993 के तहत सीधे स्कूल की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा पूर्व में वर्ष 2017, 2019, 2024 और 2025 में भी इस संबंध में लगातार निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद कई जिलों से सुरक्षा नियमों की अवहेलना और शिकायतों के सामने आने के बाद वर्ष 2026 में यह कड़ा रुख अपनाया गया है। बाड़मेर जिले में लगभग दो हजार बाल वाहिनी सड़कों पर चल रही है। नए आदेशों के तहत अब विद्यार्थियों की सुरक्षित यात्रा की पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी। इसके साथ ही सभी स्कूलों को पीएसपी पोर्टल के बाल वाहिनी मॉड्यूल पर अपने वाहनों और उनके संचालन से जुड़ी पूरी जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी। वाहन का रंग सुनहरा पीला होना चाहिए, जिस पर स्कूल बस या बाल वाहिनी स्पष्ट लिखा हो। साथ ही स्कूल का नाम और फोन नंबर अंकित होना जरूरी है। चालक के पास वैध लाइसेंस के साथ न्यूनतम 5 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। बच्चों की मदद के लिए वाहन में अटेंडेंट का होना भी अनिवार्य है। हर वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र, जीपीएस और स्पीड गवर्नर लगा होना आवश्यक है। क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। वाहन का फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र और पंजीयन हमेशा वैध होना चाहिए।