जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रेखा यादव ने गुरुवार को जिला कारागृह और वाटरवर्क्स चौराहे के पास स्थित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों स्थानों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला कारागृह के साप्ताहिक निरीक्षण के दौरान सचिव ने बंदियों से उनके मुकदमों, जमानत, अपील और अगली पेशी की तारीख के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बंदियों के रहन-सहन, भोजन, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं सहित मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का भी जायजा लिया। एक बंदी द्वारा बीमारी की शिकायत पर जेल चिकित्सक से जानकारी ली गई, जिन्होंने बताया कि बंदी का उपचार जारी है और उसे दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान कुछ बंदियों ने वकील संबंधी समस्या बताई। इस पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ताओं से जानकारी ली गई। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि सभी बंदियों को वकील उपलब्ध हैं, हालांकि कुछ को इसकी जानकारी नहीं है, जिन्हें शीघ्र अवगत कराया जाएगा। सचिव ने निर्देश दिए कि प्रत्येक बंदी को निःशुल्क विधिक सहायता और उनके अधिवक्ताओं की जानकारी सुनिश्चित की जाए। इसके बाद सचिव रेखा यादव ने वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रह रहे वरिष्ठजनों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। रजिस्टर जांच में 8 पुरुष और 2 महिला वृद्धजन दर्ज पाए गए, लेकिन दो महिलाएं मौके पर उपस्थित नहीं थीं। इंचार्ज ने बताया कि वे केवल भोजन के समय आती हैं। सचिव ने वृद्धजनों से भोजन व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि सुबह चाय-बिस्कुट और दलिया दिया गया था। पूर्व निरीक्षण में मिले अस्थमा पीड़ित वृद्ध के उपचार के संबंध में भी जानकारी ली गई। रसोईघर का निरीक्षण करते हुए सचिव ने साफ-सफाई और व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नालसा की वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाएं योजना 2016 का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक वृद्धजन को निःशुल्क विधिक सहायता, पेंशन, भरण-पोषण और अन्य वैधानिक अधिकारों से संबंधित लाभ उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अमित कमठान, डिप्टी चीफ पप्पू गुर्जर, सहायक अधिवक्ता मीता अग्रवाल, आराधना शर्मा, दीपक सिंह सिकरवार, स्टेनोग्राफर राहुल डंडोतिया, जेल अधीक्षक सुमन कुमारी मीणा सहित कारागृह और वृद्धाश्रम स्टाफ उपस्थित रहा।