भास्कर न्यूज | सवाईमाधोपुर मानसून को देखते हुए रणथम्भौर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने वन और वन्यजीव संरक्षण की तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी फोकस किया गया है। वन क्षेत्र में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया है। अस्थायी शिविर और टेंट लगाए गए हैं। जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। रणथम्भौर के उप वन संरक्षक प्रथम मानस सिंह ने बताया कि वन क्षेत्र के भीतर प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए अतिरिक्त वनकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए हैं। वन्यजीवों और आमजन की सुरक्षा पर निगरानी बढ़ाई गई है। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त टेंट और अस्थायी कैंप बनाए गए हैं। इससे फील्ड स्टाफ को मानसून में काम करने में सुविधा मिलेगी। मानसून में वन्यजीवों की गतिविधियों में बदलाव को देखते हुए गश्त और मॉनिटरिंग सुदृढ़ की गई है। फील्ड स्टाफ को संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। वन्यजीवों की गतिविधियों का लगातार अवलोकन करने को कहा गया है। मानव-वन्यजीव संपर्क की संभावित स्थितियों पर सतर्क रहने के निर्देश हैं। त्वरित प्रतिक्रिया के लिए नियंत्रण और संचार व्यवस्था भी मजबूत की गई है। वन क्षेत्र में लगातार तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सुविधाओं पर भी ध्यान दिया गया है। आवासीय टेंट, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, जरूरी खाद्य सामग्री, संचार उपकरण, बारिश से बचाव की सामग्री और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। विपरीत मौसम में भी संरक्षण कार्य जारी रखने की व्यवस्था की गई है। पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाया गया है। संयुक्त कार्ययोजना के तहत संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, आपदा या आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई, कानून-व्यवस्था बनाए रखने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आमजन से अपील की कि वर्षाकाल में वन क्षेत्र में प्रवेश के दौरान तय दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचें। वन अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों के निर्देश मानें। किसी भी आपात स्थिति या वन्यजीव की गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। प्रशासन ने कहा कि मानसून अवधि में वन और वन्यजीव संरक्षण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कर्मचारियों के सुरक्षित और प्रभावी संचालन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम किया जा रहा है।