सीकर जिले के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान विवाहिता की मौत हो गई। नसबंदी खुलवाने (Recanalization) के लिए भर्ती हुई विवाहिता की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर मुख्य सड़क पर शव रखकर धरना दिया। 3 घंटे तक चले धरने के बाद शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। मृतका के परिजनों ने बताया कि रींगस निवासी कविता को नसबंदी का ऑपरेशन वापस खुलवाने के लिए सीकर के एप्पल हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। परिजनों का आरोप है कि रात को ऑपरेशन थिएटर में ले जाने के बाद परिजनों को बिना जानकारी दिए कविता को दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया। देर रात परिजनों को बताया कि आॅपरेशन के दौरान कविता की हालत गंभीर होने पर उसे मित्तल हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया था। शिफ्टिंग की सूचना मिलने पर परिजन मित्तल हॉस्पिटल पहुंचे, तो डॉक्टरों ने कविता को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि एप्पल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने लापरवाही को छुपाने के लिए आनन-फानन में उसे दूसरे अस्पताल भेजा, जबकि उसकी मौत पहले ही हो चुकी थी। विवाहिता की मौत के बाद शनिवार सुबह से ही अस्पताल के बाहर माहौल तनावपूर्ण बन गया। मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने मित्तल हॉस्पिटल के बाहर सड़क पर डैड बॉडी रखकर नारेबाजी शुरू कर दी। खंडेला विधायक सुभाष मील भी धरने पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और समझाइश की कोशिश की। 3 घंटे तक चले धरने के बाद पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया।