अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। खरीदी के इस शगुन से पिछले पांच वर्ष में सोने से मिले रिटर्न ने शेयर बाजार, बैंक एफडी और प्रॉपर्टी समेत निवेश के सभी विकल्पों को पीछे छोड़ दिया। सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी, जयपुर के आंकड़ों के मुताबिक 2021 में अक्षय तृतीया पर सोने का भाव 49,500 रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो अब 1,56,800 रुपए तक पहुंच गया। यानी 5 साल में सोने ने निवेशकों को 218% का रिटर्न दिया है। पिछले साल के मुकाबले देखें तो खरीदारों को 60% से अधिक का मुनाफा हुआ है। यह रिकॉर्ड है, जब एक ही साल में सोने की कीमत इतनी बढ़ी। विश्व स्वर्ण परिषद की मानें तो धनतेरस और अक्षय तृतीया पर देश में 4 से 6 टन सोने के गहने बिकते हैं। इसमें राजस्थान की हिस्सेदारी 7 फीसदी तक होने की उम्मीद है, लेकिन तूफानी रफ्तार से कीमत बढ़ने के मद्देनजर इस साल 4 टन गोल्ड ज्वैलरी भी बिकती है, तो अक्षय तृतीया पर प्रदेश में 300 टन सोने के गहनों की बिक्री संभव है। अक्षय तृतीया को शगुन के लिए लोग आभूषण के साथ सोने के सिक्के और गिन्नी भी खरीदते हैं। सुरक्षा का पर्याय बना सोना सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी, जयपुर के उपाध्यक्ष मनीष खूंटेटा के अनुसार, ईरान के इजरायल-अमेरिका के साथ युद्ध से उपजे हालात कच्चे तेल की कीमत में उछाल से दुनियाभर में महंगाई बढ़ रही है। इससे मुकाबले के लिए लोग सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं। उच्च नेटवर्थ वाले निवेशक भी सोने में दांव लगा रहे हैं। यही कारण है कि बढ़ती कीमतों के बावजूद सोने की निवेश मांग में कमी नहीं दिख रही है। सोना खरीदते समय यह जरूर ध्यान रखें कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के तहत, ज्वैलर्स को बिल पर ‘माल वापसी’ की शर्त लिखनी अनिवार्य है। खरीदे आभूषण की 15 दिन में किसी भी हॉलमार्क सेंटर पर जांच जरूर कराएं। शुद्धता कम मिले तो सामान वापस कर सकते हैं। ज्वैलर सामान वापस न ले, तो शुद्धता के अंतर की कीमत का दोगुना हर्जाना वसूलने के हकदार हैं।