सीकर में भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष और मुख्य वक्ता डॉ. ज्योति मिर्धा ने कहा- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा कुछ भी बोलें, लेकिन भाजपा ने डॉ. अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। पूरे देश के भाजपा कार्यालयों में अंबेडकर जयंती के आज कार्यक्रम हो रहे हैं। आजादी के 4 दशक बाद डॉ. अंबेडकर को भारत रत्न मिल सका, ये कांग्रेस की नाकामयाबी है। ज्योति मिर्धा ने कहा- फिर भी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा नहीं मानते तो आमने-सामने बैठकर चर्चा कर लें। सीकर के भाजपा जिला कार्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम में ज्योति मिर्धा ने यह कहा। वहीं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति मिर्धा ने सीकर में श्रीकल्याण धाम पहुंचकर दर्शन किए। महंत विष्णुप्रसाद शर्मा ने उनका दुपट्टा और चुनरी ओढ़ाकर स्वागत किया। रवि शर्मा ने भगवान का पोर्ट्रेट भी भेंट किया। अंबेडकर ने लोगों को एकसूत्र में बांधने का काम किया डॉ. ज्योति मिर्धा ने कहा- डॉ. अंबेडकर ने भारत के चारों कोनों में रहने वाले लोगों को एक सूत्र में बांधने का काम किया। आज के भारत में समानता, सौहार्द और आपसी सद्भाव डॉ. अंबेडकर की देन है। भाजपा ने डॉ. अंबेडकर को भारत रत्न दिया और संसद परिसर में संविधान के शिल्पकार डॉ. अंबेडकर का स्टेच्यू लगवाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में डॉ. अंबेडकर की जयंती पर पूरे देश में कार्यक्रम हो रहे हैं। भाजपा जिला कार्यालय में हुए डॉ. मिर्धा के साथ कार्यक्रम में पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़, प्रदेश प्रवक्ता महिपाल महला, इंदिरा गठाला, पूर्व विधायक रतन जलधारी ने डॉ. अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इससे पहले भाजपा‌ जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़ के नेतृत्व में जिले के सभी मंडलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति मिर्धा का स्वागत किया। कलेक्टर बोले- किताबें ही साधारण इंसान को अंबेडकर बनाती हैं जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला प्रशासन व सामाजिक न्याय आधिकारिता विभाग की ओर अंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम में VC के‌ जरिए राज्यस्तरीय डॉ. अंबेडकर जयंती समारोह का प्रसारण किया गया। इस मौके पर समाज के विकास में सहयोगी और बोर्ड परीक्षा में अव्वल रहे SC-ST समाज की प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। जिला‌ कलेक्टर आशीष मोदी ने कहा- ज्ञान लेने की कोई लिमिट नहीं होती। किताबें पढ़ते रहें, ये सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। किताबों की नॉलेज साधारण इंसान‌ को डाॅ. अंबेडकर और महात्मा गांधी की तरह महापुरुष बनाती हैं।