बाड़मेर जिले के शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी गिरल लिग्लाइट माइंस में श्रमिकों और ग्रामीणों के साथ लगातार पांचवें दिन धरने पर बैठे रहे। इस दौरान लगातार चौथी रात उन्होंने धरने पर बैठे किसानों के साथ गुजारी। वहीं ग्रामीणों का धरना पिछले 30 दिन से लगातार जारी है। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा- गिरल माइंस में कार्यरत स्थानीय मजदूरों और ड्राइवरों के साथ लंबे समय से अन्याय हो रहा है। इलाके के युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। ऐसे में जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती धरने पर बैठा रहूंगा। बोले-कंपनी ने 100 से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला भाटी ने कहा - जिन 100 से अधिक ड्राइवरों और श्रमिकों को कंपनी ने बाहर निकाला है, उन्हें दोबारा काम पर लेना होगा। साथ ही श्रमिकों से 12-12 घंटे कार्य करवाने की व्यवस्था को समाप्त कर केवल 8 घंटे की ड्यूटी लागू करनी होगी। उन्होंने कहा कि मजदूरों को उनका अधिकार दिलाने के लिए यह संघर्ष अंतिम परिणाम तक जारी रहेगा। उन्होंने कंपनी प्रबंधन और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को बड़े स्तर पर ले जाएंगे। विधायक भाटी ने आरोप लगाया कि कंपनी ने सरकार से नीम और शीशम जैसे पेड़ लगाने के नाम रुपए वसूले। लेकिन, मौके पर अंग्रेजी बबूल के पेड़ है। कंपनी प्रतिनिधियों के आश्वासन के बावजूद आंदोलन जारी धरने के तीसरे दिन R.S.M.M. का एक प्रतिनिधिमंडल आंदोलनरत ग्रामीणों से मिलने पहुंचा था। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया था। हालांकि अब तक किसी ठोस निर्णय या लिखित सहमति के अभाव में आंदोलन जारी है। धरनास्थल पर मौजूद श्रमिकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। आंदोलनकारियों ने कहा कि यह लड़ाई उनके रोजगार, परिवार और सम्मान की है। ये हैं आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें - निकाले गए 100 से अधिक ड्राइवरों और श्रमिकों की दुबारा बहाल किया जाए। - सभी श्रमिकों के लिए केवल 8 घंटे की ड्यूटी लागू करना। - स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देना। - श्रमिकों को उच्च कुशल वर्ग के अनुसार वेतन देना। - बोनस एक्ट 1965 के अनुसार बोनस उपलब्ध करवाना। - श्रमिकों के लिए आईडी कार्ड, वेतन स्लिप, गेट पास एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करना।