सिरोही जिले के शिवगंज कस्बे में राजकीय होम्योपैथिक औषधालय में 271वां विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर होम्योपैथी के जनक जर्मन वैज्ञानिक सैमुअल हैनीमैन को याद किया गया और उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए गए। चिकित्सा प्रभारी डॉ. महिमा दवे ने बताया कि होम्योपैथी "सिमिलिया सिमिलिबस क्यूरेंटुर" (समान समान को ठीक करता है) सिद्धांत पर आधारित एक वैज्ञानिक और समग्र चिकित्सा पद्धति है। यह रोगी के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक पहलुओं का मूल्यांकन कर उपचार प्रदान करती है। यह पद्धति सुरक्षित, प्रभावी और किफायती होने के साथ-साथ दीर्घकालिक रोगों में विशेष रूप से लाभकारी है। 'आमजन में होम्योपैथी के प्रति बढ़ रही जागरूकता' आयुष नर्सेज महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष ललित मेघवाल (सुमेरपुर) ने कहा कि भारत सरकार का आयुष मंत्रालय होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को लगातार बढ़ावा दे रहा है, जिससे आमजन में इसके प्रति जागरूकता बढ़ रही है। इस कार्यक्रम के दौरान ललित मेघवाल ने होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी डॉ. महिमा दवे को तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने हर्बल गार्डन में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में प्रवीण कुमार प्रजापति, कंपाउंडर रणजीत पंवार, सोनम धवन और योग प्रशिक्षक कल्पेश कुमार सहित औषधालय का स्टाफ उपस्थित रहा। सभी ने होम्योपैथी के प्रचार-प्रसार और आमजन को जागरूक करने का संकल्प लिया।