रायसिंहनगर क्षेत्र के किसानों और खाताधारकों ने कोगटा फाइनेंस कंपनी पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी और गबन करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने एडीएम को ज्ञापन सौंपकर कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसानों का आरोप है कि लोन की किश्तें ऑनलाइन जमा करने के बावजूद उनसे दोबारा नगद रुपए वसूले गए और बाद में उन्हें एनओसी भी नहीं दी गई। किसानों ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने एडीएम को ज्ञापन देकर कोगटा फाइनेंस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। किसान नेता रणजीत सिंह राजू ने बताया कि कंपनी ने क्षेत्र के किसानों को लोन वितरित किए थे। कई किसानों ने लोन की किश्तें ऑनलाइन माध्यम से जमा कर दी थीं। ऑनलाइन सिस्टम खराब बताकर वसूले कैश किसानों का आरोप है कि बाद में कंपनी के कर्मचारियों ने ऑनलाइन सिस्टम खराब होने का बहाना बनाकर उनसे नगद रुपए वसूल लिए। किसानों का कहना है कि उन्होंने पूरी किश्तें जमा कर दीं, लेकिन जब वे नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनओसी) लेने कंपनी पहुंचे तो कैशियर, मैनेजर और अन्य अधिकारियों ने टालमटोल शुरू कर दिया। बड़े अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप किसानों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में कंपनी के बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत है। उनका कहना है कि सभी ने मिलकर किसानों से करोड़ों रुपए हड़प लिए। किसानों का यह भी आरोप है कि जिन लोगों ने नगद भुगतान किया, उन्हें किसी तरह की रसीद तक नहीं दी गई। किसानों ने इसे सुनियोजित धोखाधड़ी बताते हुए कहा कि जानबूझकर किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने को कहा मामले की जानकारी मिलने पर किसानों ने स्थानीय थाना प्रभारी को शिकायत दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय शाखा प्रबंधक को एक माह की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने का नोटिस जारी किया है। फिलहाल किसान दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।