श्रीगंगानगर में 13 साल की नाबालिग लड़की से गैंगरेप के मामले में अब तक 19 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर लड़की की फर्जी वीडियो एडिट कर शेयर करने के मामले में आईटी एक्ट में एक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने लड़की की मृत्यु, हॉस्पिटल में रोते हुए और आरोपियों सार्वजनिक पिटाई के वायरल हो रहे वीडियो को पूरी तरह फर्जी हैं। भ्रामक वीडियो पर ध्यान न दें एडिशनल एसपी दीपक ने बताया- अभी तक इस प्रकरण में 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच लगातार जारी है। जैसे-जैसे और आरोपी डिटेन किए जा रहे हैं, उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा। भ्रामक वीडियो पुराने क्लिप्स हैं, जिनका इस मामले से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। इन फर्जी वीडियो को जानबूझकर गंगानगर रेप केस से जोड़कर वायरल किया जा रहा है। वहीं, इस मामले में एक आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पंजाब के युवक की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। लड़की स्वस्थ है और अपने परिवार के साथ रह रही है। उसे मृत बताने वाली खबरें और वीडियो बिल्कुल गलत और भ्रामक हैं। ऐसे वीडियो शेयर किए तो होगी कार्रवाई एसपी हरीशंकर ने कहा- सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ज्यादातर वीडियो और पोस्ट तथ्यों से परे हैं। बिना सत्यापित किए कुछ भी शेयर या फॉरवर्ड न करें। इससे जांच प्रभावित हो रही है और कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। फेक वीडियो बनाना, प्रसारित करना या अफवाह फैलाना दंडनीय अपराध है। साइबर टीम लगातार निगरानी कर रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। वरिष्ठ वकील चरणदास कंबोज ने कहा कि आरोपियों को कोर्ट में पेश करने पर कोई वकील उनकी पैरवी नहीं करेगा। जबकि संविधान सबको इस अधिकार देता है। लेकिन आरोपियों ने ऐसा कृत्य किया है कि कोई उनकी पैरवी नहीं करेगा। इस मामले के लिए विशेष सेल बनाई जाएगी, जिसमें सेल का वकील ही आरोपियों की पैरवी करेगा। महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है।