भास्कर न्यूज | बाड़मेर मोक्ष मार्ग स्थित कोटड़िया-नाहटा ग्राउंड में नवपद ओली आराधना के तहत उपाध्याय मनितप्रभ सागर की निश्रा में सात दिवसीय श्रुत ज्ञान शिविर का समापन हुआ। शिविर संयोजक बाबूलाल बोथरा हेमरत्न ने बताया कि जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ चातुर्मास व्यवस्था कमेटी के तत्वावधान में नवपद ओलीजी की आराधना उपाध्याय मनितप्रभ सागर की निश्रा में हुई। साध्वी सम्यग्दर्शना का सानिध्य रहा। सहसंयोजक मुकेश धारीवाल रहे। कोटड़िया-नाहटा ग्राउंड में प्रतिदिन सुबह 9.15 से 10.15 बजे तक श्रीपाल मेणासुन्दरी के रास पर प्रवचन हुए। दोपहर 2 से 4 बजे तक श्रुत ज्ञान शिविर चला। इसमें तत्वज्ञान, द युनिवर्सल टूथ, परिवार में प्रेम भाईचारा, धर्म के प्रति श्रद्धा, ज्ञान के साथ क्रिया जैसे विषयों पर वांचना दी गई। शिविर में 800 से अधिक श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। संचालन केवलचन्द छाजेड़ ने किया। उपाध्याय मनितप्रभ सागर ने कहा कि मनुष्य जीवन दुर्लभ है। प्रत्येक जीव के प्रति प्रेम भाव जरूरी है। श्रद्धा के साथ की गई क्रिया से जीवन सफल होता है। सुबह 6.30 बजे चैत्री पूनम की क्रिया हुई। दोपहर में सिद्धचक्र महापूजन हुआ। सिद्धचक्र महापूजन में विधि-विधान प्रकाश गुरु सांचोर की ओर से हुआ। परमात्मा भक्ति उपाध्याय प्रवर मनितप्रभ सागर और सोनू वडेरा की ओर से की गई। चातुर्मास कमेटी के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश भंसाली ने बताया कि उपाध्याय मनितप्रभ सागर के व्यक्तित्व, कार्यशैली, वचनशैली, व्यवहार शैली, जीवन शैली, संयम की निरतिचार परिपालना, कलिकाल में अप्रमतता, अपूर्व योग साधना को देखते हुए जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ चातुर्मास व्यवस्था कमेटी ने उन्हें अप्रमत्तयोगी पदवी से विभूषित किया। प्रवचन के दौरान नौ दिवसीय शाश्वत नवपद ओलीजी के लाभार्थी देवी बाई भंवरलाल संखलेचा परिवार झिंझनीयाली व पदमी देवी मगराज मालू परिवार कोटड़ा वालों का चातुर्मास कमेटी की ओर से बहुमान किया गया। कार्यक्रम में ओमप्रकाश भंसाली, सचिव बाबूलाल बोथरा, ट्रस्टी मोहनलाल घीया, गौतमचन्द बोथरा, प्रकाशचन्द सेठिया, सोहनलाल चौपड़ा, रमेश कुमार धारीवाल, अशोक भूणिया, बाबूलाल छाजेड़, मुकेश धारीवाल, पुखराज भंसाली, जगदीश तातेड़, सम्पतराज नाहटा, नाकोड़ा तीर्थ उपाध्यक्ष लूणकरण बोथरा, डॉ. रणजीतमल जैन, शंकरलाल बोथरा, राणामल संखलेचा, कैलाश कोटड़िया मौजूद रहे।