सीकर में डॉक्टर्स ने कैशलेस ट्रीटमेंट की सरकारी योजनाओं में सुधार और प्राइवेट हॉस्पिटल्स की बकाया राशि का भुगतान की मांग को लेकर कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की सीकर इकाई, ARISDA सीकर, सीकर प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन, शेखावाटी प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन, इलाज और RMCT से जुड़े डॉक्टर्स शामिल रहे। डॉक्टर्स ने कहा- लोग सरकारी स्कीम के कार्ड से बादाम और तेल ले गए तो ये ध्यान रखना डॉक्टर्स का काम नहीं है। डॉक्टर्स ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर को दिए ज्ञापन में लिखा कि सरकार ने डॉक्टर्स को मेडिकल ट्रीटमेंट के अलावा अन्य कामों में लगा रखा है। RGHS और आयुष्मान योजना जैसी स्कीम्स में काम करने के बावजूद सरकार ने सराहना के बजाय हॉस्पिटल्स की प्रताड़ना शुरू कर दी है। जयपुर में प्राइवेट हॉस्पिटल के डॉ. सोमदेव बंसल की गिरफ्तारी की गई, जबकि गलती सरकारी योजनाओं की थी। सीकर में 15 अप्रैल से प्राइवेट अस्पतालों में सरकारी योजनाओं में इलाज बंद डॉक्टर्स ने कहा- जिन सरकारी योजनाओं का खुद स्वास्थ्य ठीक नहीं है, उनमें सुधार किया जाए। इसके बाद डॉक्टर्स से बात कीजिए। उन्होंने कहा- डॉक्टर्स का काम ये देखने का नहीं है कि कार्ड पर जिसका फोटो लगा है, वहीं पेशेंट है क्या? ये काम सरकार का है। सरकार को इन सब चीजों के ट्रैप में बदनाम किया गया। डॉक्टर्स पर FIR दर्ज करना बर्दाश्त के बाहर है। सीकर के प्राइवेट अस्पतालों में 15 अप्रैल से राजस्थान सरकार की RGHS और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत ट्रीटमेंट बंद है।