कालंद्री थाना क्षेत्र के आमलारी गांव में अभय राजपुरोहित की हत्या के विरोध में गुरुवार को सिरोही जिला मुख्यालय पर जनाक्रोश उमड़ पड़ा। राजपुरोहित समाज के आह्वान पर आयोजित विशाल न्याय यात्रा में सिरोही, जालोर, पाली सहित अन्य जिलों और राज्यों से आए समाजबंधुओं ने भाग लिया। समाज ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, बुलडोजर कार्रवाई और मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की। महिलाएं रहीं सबसे आगे, शहर में गूंजे न्याय के नारे बुधवार को रामझूला मैदान में समाज के प्रबुद्धजनों ने सभा को संबोधित करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। इसके बाद गुरुवार को हजारों लोगों ने शांतिपूर्ण न्याय यात्रा निकाली। रैली में महिलाएं सबसे आगे चल रही थीं, जबकि उनके पीछे समाज के लोग हाथों में तख्तियां लेकर न्याय के समर्थन में नारे लगाते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से कलेक्ट्रेट पहुंचे। कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि इस घटना ने आमजन के मन में कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। समाज का कहना है कि सरकार का दायित्व है कि वह आमजन में सुरक्षा का विश्वास और अपराधियों में कानून का भय स्थापित करे, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में अपराधियों के हौसले बढ़ते नजर आ रहे हैं। 36 कौम में रोष, शांतिपूर्ण आंदोलन का दावा ज्ञापन में कहा गया कि यह घटना केवल राजपुरोहित समाज ही नहीं बल्कि संपूर्ण ब्राह्मण समाज और 36 कौम के लोगों की भावनाओं से जुड़ी है। जिले के सभी गांवों के सामाजिक प्रतिनिधियों और अन्य जिलों से आए समाजबंधुओं ने शांतिपूर्ण तरीके से न्याय यात्रा निकालकर अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाईं। समाज का दावा है कि करीब 10 हजार लोग इस आंदोलन में शामिल हुए। स्पेशल ऑफिसर और फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग समाज ने मांगपत्र में सरकार से अभय हत्याकांड की पैरवी के लिए विशेष अधिकारी (स्पेशल ऑफिसर) नियुक्त करने की मांग की, जो जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी कर दोषियों को सजा दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाए। साथ ही मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय में कर त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। बुलडोजर कार्रवाई और नार्को टेस्ट की मांग समाज ने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज से यह हत्याकांड सुनियोजित प्रतीत होता है और घटना में प्रयुक्त हथियार आरोपियों के निवास से बरामद हुए हैं। इसी आधार पर आरोपियों के मकान पर तत्काल बुलडोजर कार्रवाई करने की मांग की गई। साथ ही आरोपियों का नार्को टेस्ट कर पूरे षड्यंत्र का खुलासा करने और सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाने की भी मांग उठाई गई। पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता और नौकरी की मांग ज्ञापन में कहा गया कि मृतक अभय अपने परिवार का इकलौता भाई था। परिवार में उसकी विधवा पत्नी, नाबालिग पुत्री और तीन बहनें हैं। समाज ने राज्य सरकार से पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने और मृतक की पत्नी को सरकारी सेवा में स्थायी नियुक्ति प्रदान करने की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि यदि आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित परिवार भय के माहौल में गांव छोड़ने को मजबूर हो सकता है। पुलिस रही पूरी तरह मुस्तैद न्याय यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सिरोही डीएसपी मुकेश कुमार चौधरी के नेतृत्व में पुलिस बल पूरे समय तैनात रहा और रैली शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।