सिरोही के स्थानीय सगरवंशी माली समाज के आराध्य देव भागिरथेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित चार दिवसीय स्वर्ण जयंती महामहोत्सव का भव्य और श्रद्धा से ओतप्रोत समापन हुआ। इस अवसर पर 208 कलश यात्रा, विशाल शोभायात्रा, लघुरुद्राभिषेक, भजन संध्या, वरिष्ठजनों व प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान जैसे विविध धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ध्वजारोहण से हुई शुरुआत, भक्तिमय माहौल बना समाज के पूर्व सचिव सुरेश सगरवंशी ने बताया कि महोत्सव की शुरुआत मंदिर पर ध्वजारोहण और गणपति स्थापना के साथ हुई। मंदिर परिसर और समाज की भूमि पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिला, पुरुष और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं ने मांगलिक गीत गाए, वहीं डीजे की धुन पर समाजजन झूमते नजर आए। हर घर सजा, सुंदरकांड और हवन से गूंजा वातावरण समाज के सचिव गिरीश सगरवंशी के अनुसार, महोत्सव के दौरान समाज के प्रत्येक घर पर तोरण लगाए गए। मेहंदी और गुड़ का वितरण किया गया। संगीतमय सुंदरकांड पाठ और मंदिर में लघुरुद्राभिषेक हवन का आयोजन हुआ, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। 208 कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब महोत्सव के दौरान मंदिर से आयोजन स्थल तक 208 कलश के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें हजारों महिला, पुरुष और बच्चों ने बैंड और डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र आस्था और उत्साह से सराबोर हो गया। वरिष्ठजनों का सम्मान, समाज ने दिखाई परंपरा समाज द्वारा 75 वर्ष से अधिक आयु के करीब तीन दर्जन वरिष्ठजनों का साफा, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। यह पहल समाज में बुजुर्गों के सम्मान और संस्कारों को दर्शाती है। वृक्षारोपण और भूमि पूजन से दिया पर्यावरण संदेश पंडितों द्वारा विधि-विधान से समाज भूमि का पूजन किया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पीपल और बेल पत्र के पौधे लगाकर वृक्षारोपण भी किया गया। भजन संध्या और झांकियों ने बांधा समां रात में आयोजित भजन संध्या में मनोज रिया एंड पार्टी (दिल्ली) द्वारा प्रस्तुत आकर्षक झांकियों ने देर रात तक श्रद्धालुओं को बांधे रखा। इस दौरान संत जोगपुरी महाराज, संत भास्करपुरी महाराज और सूरदास मोहन महाराज का सानिध्य भी प्राप्त हुआ। भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए हजारों श्रद्धालु महोत्सव के अंतिम दिन मंदिर से शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इसमें घोड़े, ऊंट गाड़ी, बैंड, डीजे, रथ और पालकी शामिल रहे। हजारों लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। सांसद लुंबाराम चौधरी भी इस शोभायात्रा में शामिल हुए। प्रतिभाओं का सम्मान, समाज ने बढ़ाया हौसला महोत्सव के अंतर्गत प्रतिभावान विद्यार्थियों के प्रोत्साहन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य मंत्री ओटाराम देवासी और पूर्व विधायक संयम लोढा का सम्मान किया गया। समाज के टॉपर विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। काव्या विनोद सगरवंशी ने 10वीं बोर्ड में 95.50% अंक प्राप्त कर समाज में प्रथम स्थान हासिल किया, जिसे विशेष सम्मान दिया गया। देशभर से पहुंचे समाजजन, भव्य व्यवस्थाएं गुजरात, मध्यप्रदेश और राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से आए समाज प्रतिनिधियों का साफा, माला और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। सभी आगंतुकों के लिए आवास और भोजन प्रसादी की उत्तम व्यवस्था की गई। समाजजनों ने महाप्रसादी का लाभ लिया और उत्साहपूर्वक चढ़ावे भी अर्पित किए। यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, संस्कार और परंपराओं को भी मजबूती देने वाला साबित हुआ।