सिरोही कलेक्ट्रेट परिसर में उपनिदेशक एवं जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु), आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का ऑफिस एक बेहद जर्जर भवन में संचालित हो रहा है, जो कभी भी ढह सकता है। कर्मचारियों की सुरक्षा पर मंडरा रहे इस खतरे को देखते हुए कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने भवन को जल्द खाली कराने का आश्वासन दिया है। हैरानी की बात यह है कि विभाग के लिए छह साल पहले नया भवन बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन आज तक वहां ऑफिस स्थानांतरित नहीं किया गया। बारिश में बढ़ जाता है हादसे का खतरा कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित यह भवन अत्यंत खराब हालत में पहुंच चुका है। विशेषकर बारिश के दौरान इसकी दीवारों और ढांचे के कमजोर होने से कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे माहौल में विभाग के कर्मचारी रोजाना काम करने को मजबूर हैं। छह साल पहले बन गया नया भवन, फिर भी नहीं हुआ शिफ्ट जानकारी के अनुसार, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के लिए करीब छह वर्ष पहले बालाजी फेस-2 स्थित बाल कल्याण समिति भवन के पास नया ऑफिस भवन तैयार कर दिया गया था। हालांकि, लंबे समय तक उपयोग नहीं होने के कारण वह भवन भी अब जर्जर होने लगा है। तीन किलोमीटर की दूरी बनी स्थानांतरण में बाधा सूत्रों के अनुसार, पुराने ऑफिस से नए भवन की दूरी लगभग तीन किलोमीटर है। इसी कारण विभागीय अधिकारियों ने अब तक वहां स्थानांतरित होना उचित नहीं समझा और ऑफिस पुराने भवन में ही संचालित होता रहा। लोगों ने जताई कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जब आमजन को इस ऑफिस की स्थिति की जानकारी मिली तो उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि जर्जर भवन में ऑफिस संचालित करना जोखिम भरा है और किसी भी अप्रिय घटना से पहले प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए। पुरानी घटना आज भी दिलाती है हादसे की याद सिरोही में पहले भी एक दर्दनाक हादसा हो चुका है। कलेक्टर ऑफिस के पास स्थित एक सरकारी मकान ढहने से डॉक्टर राजेंद्र अरोड़ा की असामयिक मौत हो गई थी। इस घटना के बाद जर्जर सरकारी भवनों को लेकर संवेदनशीलता और बढ़ गई है। कलेक्टर ने दिए त्वरित कार्रवाई के संकेत कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने भवन की गंभीर स्थिति को स्वीकार करते हुए इसे जल्द से जल्द खाली कराने का आश्वासन दिया है। अब कर्मचारियों और आमजन की नजर इस बात पर है कि ऑफिस को सुरक्षित भवन में कब तक स्थानांतरित किया जाता है।