भीषण गर्मी के बीच खुले में बिकने वाली अस्वच्छ ‘चुस्की’, रंगीन बर्फ और गंदे पेय पदार्थ अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहे हैं। इन्हीं बढ़ते स्वास्थ्य खतरों को देखते हुए सिरोही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह अभियान 15 मई 2026 से 30 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेषकर बच्चों और अभिभावकों को दूषित पेय पदार्थों से होने वाली गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना है। CMHO बोले- गंदी चुस्की बन रही बीमारियों की बड़ी वजह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि जिले में कई स्थानों पर बिकने वाली रंगीन चुस्की और पेय पदार्थ असुरक्षित पानी, दूषित बर्फ, दोबारा उपयोग किए गए प्लास्टिक रोल और सस्ते कृत्रिम रंगों व केमिकल से तैयार किए जाते हैं। ऐसे पदार्थ सीधे लोगों की सेहत पर बुरा असर डालते हैं। उन्होंने बताया कि इन दूषित खाद्य एवं पेय पदार्थों के सेवन से दस्त, उल्टी, पेट दर्द, फूड पॉइजनिंग, टायफाइड, हैजा (कॉलेरा), पीलिया, पेट संक्रमण, एलर्जी, गले में खराश, बुखार, कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। छोटे बच्चों में संक्रमण तेजी से फैलता है, जिससे उनकी हालत गंभीर भी हो सकती है। जिलेभर में लिए जा रहे सैंपल, जांच होगी तेज अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जिले में बिक रही चुस्की, रंगीन बर्फ और अन्य पेय पदार्थों के लगातार सैंपल लिए जा रहे हैं। इनकी प्रयोगशाला जांच कर गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों की निगरानी की जाएगी ताकि आमजन तक सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ पहुंच सकें। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिन स्थानों पर खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलेगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। अस्पतालों और गांवों तक पहुंचेगा जागरूकता अभियान जन-जागरूकता अभियान के तहत जिला चिकित्सालय, उप जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में विशेष आईईसी (सूचना, शिक्षा एवं संचार) गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। बाल रोग और मेडिसिन ओपीडी में पेम्पलेट बांटे जाएंगे। प्रतीक्षालयों में स्वास्थ्य संदेशों वाले पोस्टर और बैनर लगाए जाएंगे, जबकि वार्डों में टीवी स्क्रीन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। ओआरएस कॉर्नर पर भी विशेष जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। आशा और एएनएम कार्यकर्ता घर-घर देंगे समझाइश स्वास्थ्य विभाग की ओर से आशा कार्यकर्ता, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। वे बच्चों और अभिभावकों को स्वच्छता, साफ पानी और सुरक्षित पेय पदार्थों के महत्व के बारे में जानकारी देंगे। इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों पर माताओं और बच्चों को विशेष रूप से समझाया जाएगा कि खुले में बिकने वाली गंदी चुस्की और दूषित पेय पदार्थ किस तरह से गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। कलेक्टर ने दिए सख्त जांच के निर्देश इधर जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को जिलेभर में गहन और लगातार जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि खाद्य पदार्थों की स्वच्छता और गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन के स्वास्थ्य से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। लोगों को दिए जाएंगे सुरक्षित विकल्प अपनाने के सुझाव अभियान के दौरान लोगों को सलाह दी जाएगी कि वे केवल साफ, उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं। पेय पदार्थों को हमेशा ढककर रखें और इस्तेमाल होने वाली बर्फ साफ-सुथरी तथा फूड ग्रेड होनी चाहिए। साथ ही, हमेशा विश्वसनीय और स्वच्छ स्थानों से ही खाद्य एवं पेय पदार्थ खरीदने की अपील की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग लोगों को घर का बना नींबू पानी, छाछ, लस्सी, आम पना और पैक्ड ORS जैसे सुरक्षित विकल्प अपनाने के लिए भी प्रेरित करेगा। स्वास्थ्य विभाग की अपील चिकित्सा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को खुले में बिकने वाली गंदी चुस्की और दूषित पेय पदार्थों से दूर रखें। यदि किसी बच्चे या व्यक्ति को दस्त, उल्टी या पेट दर्द जैसी समस्या हो तो तुरंत ORS पिलाएं और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।