सिरोही के उपाश्रय हॉल में नवकार महामंत्र दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से नवकार महामंत्र का जाप किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्व शांति, सुख-समृद्धि और सभी के कष्टों के निवारण की कामना करना था। समाजसेवी जय विक्रम हरण और नितेश जैन ने बताया कि यह आयोजन मिश्रा तपस्वी सम्राट गच्छाधिपति परम पूजनीय आचार्य देव श्रीमद् विजय शांति चंद्र सूरी महाराज के शिष्य परम पूजनीय गुरुदेव धर्मचंद विजय महाराजसा की प्रेरणा से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर पूजनीय धर्मचंद विजय महाराजसा ने नवकार महामंत्र की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह मंत्र अनंत शक्तियों से परिपूर्ण है, जो आत्मा को शुद्ध कर मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर करता है। महाराजसा ने यह भी बताया कि नियमित जाप से मन को शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। कार्यक्रम में जैन श्वेतांबर संघ पीढ़ी सिरोही के सभी सदस्यों की उपस्थिति रही। पीएमश्री प्रभारी गोपाल सिंह राव ने बालिकाओं को नवकार महामंत्र के आध्यात्मिक महत्व, मनोबल वृद्धि, पाप नाश और मोक्ष प्राप्ति के सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बालिकाओं से नवकार महामंत्र का जाप करवाया और दस-दस बार लिखवाया, जिससे उनमें आध्यात्मिक संस्कारों का विकास हो सके। इस आयोजन में सहभागी 25 बालिकाओं को कलम भेंट कर सम्मानित किया गया। पूरा कार्यक्रम भक्ति, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा, जिससे उपस्थित सभी श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक जागृति का संचार हुआ।