शिवगंज तहसील के छीबा गांव में 18 जून को खातेदारी भूमि पर हुए जानलेवा हमले के मामले में क्षत्रिय राजपूत समाज ने निष्पक्ष जांच, सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग उठाई है। समाज ने सिरोही एसपी और अतिरिक्त कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहा है, अवैध खनन कर रहा है और पीड़ित परिवार को धमका रहा है। समाज ने विवादित भूमि पर स्थायी पुलिस जाप्ता तैनात करने तथा मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की है। 18 जून को हुआ था हमला ज्ञापन में बताया गया कि 18 जून 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे छीबा गांव निवासी छगन सिंह पुत्र सुल्तान सिंह सोलंकी और उनके परिवार की खातेदारी भूमि पर यह घटना हुई। आरोप है कि करीब 20 नामजद और 40-50 अन्य लोग कुल्हाड़ी, लोहे की सरिया और अन्य घातक हथियारों से लैस होकर मौके पर पहुंचे और राम सिंह, मनोहर सिंह, उबरा कंवर, संतोष कंवर, वीर सिंह, छगन सिंह तथा उनके परिवारों पर हमला कर दिया। हमले में कई लोगों को गंभीर चोटें आईं। फसल और कृषि उपकरणों को पहुंचाया नुकसान ज्ञापन के अनुसार हमलावरों ने कुएं का विद्युत कनेक्शन काट दिया, कृषि उपकरणों को क्षतिग्रस्त कर कुएं में फेंक दिया तथा 7-8 बीघा भूमि में खड़ी बाजरे की फसल नष्ट कर दी। समाज का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह पूरी घटना भूमि विवाद को लेकर सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई। मुख्य आरोपी पर अवैध खनन और धमकी के आरोप समाज ने आरोप लगाया कि घटना का मुख्य आरोपी आज भी पुलिस की शह पर खुलेआम अवैध खनन कर रहा है और तानाशाही रवैये से गांव के लोगों, विशेषकर पीड़ित परिवार और गवाहों को धमका रहा है। ज्ञापन में निष्पक्ष जांच में बाधा डालने वाले तथा आरोपियों को संरक्षण देने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग भी की गई है। गांव में तनाव, सुरक्षा बढ़ाने की मांग समाज का कहना है कि गांव में अब भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। आरोपियों के खुलेआम घूमने से पीड़ित परिवार और गवाहों पर दबाव बनाने तथा दोबारा किसी गंभीर वारदात की आशंका बनी हुई है। इसे देखते हुए विवादित खातेदारी भूमि पर स्थायी पुलिस जाप्ता तैनात करने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है। मोबाइल और आभूषण बरामद करने की मांग ज्ञापन में घटना के दौरान छीने गए दो मोबाइल फोन तत्काल बरामद करने की मांग की गई है। समाज का कहना है कि इन मोबाइलों में घटना के फोटो और वीडियो मौजूद हैं, जो महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य हो सकते हैं। इसके अलावा छीनी गई सोने की चेन और अन्य आभूषण बरामद करने की भी मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान सिरोही, पाली और जालौर के क्षत्रिय राजपूत समाज का प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा। भील समाज का एसपी को ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
शिवगंज तहसील के पालड़ी एम थाना क्षेत्र के छीबा गांव में एक व्यक्ति पर हुए प्राणघातक हमले के मामले में कार्रवाई नहीं होने से भील समाज में आक्रोश है। समाज के लोगों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि रिपोर्ट देने के बावजूद पीड़ित अजराम भील की एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जबकि उसे ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। ज्ञापन में बताया गया कि डीएसपी ने दो दिन में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन सात दिन बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। समाज ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई कि मांगें नहीं मानी गईं तो जिलेभर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।