पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने सिरोही जिले में बिना रिप्लेसमेंट शिक्षकों को कार्यमुक्त न करने का आग्रह किया है। लोढ़ा ने राज्य के मुख्य सचिव के 11 अक्टूबर 2019 के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सिरोही में बिना रिप्लेसमेंट शिक्षकों को हटाने और तबादले के बाद भी कार्यमुक्त करने पर रोक है। लोढ़ा ने अपने पत्र में बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय में उनकी जनहित याचिका पर दिए गए निर्देशों के बाद, मुख्य सचिव राजस्थान ने 11 अक्टूबर 2019 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश (पत्र संख्या पी 1 (124) ग्रा वि./अनु-8/नीति आयोग/2017) में सभी विभागों को निर्देशित किया गया था कि आकांक्षी जिलों से बिना रिप्लेसमेंट के कर्मचारियों को नहीं हटाया जाए। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि इस आदेश का पालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है। लोढ़ा ने पत्र में उल्लेख किया कि हाल ही में 8 जुलाई 2026 तक जारी की गई तबादला सूची में शिक्षा विभाग ने सिरोही जिले से 73 शिक्षकों का तबादला किया है। इसके विपरीत, जिले में केवल 23 नए शिक्षक लगाए गए हैं। इस प्रकार, सिरोही जिले में शिक्षकों की संख्या में 50 की कमी आई है। उन्होंने बताया कि जिले में दर्जनों प्राथमिक विद्यालय सिंगल टीचर स्कूल हैं, और कम से कम 20 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में केवल 3 से 4 शिक्षक ही कार्यरत हैं। उन्होंने जोर दिया कि जिले के बच्चों के भविष्य के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि बिना रिप्लेसमेंट के शिक्षकों को नहीं हटाया जाए। लोढ़ा ने अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव से आग्रह किया कि जारी किए गए सभी तबादला आदेशों के संबंध में मुख्य सचिव के 11 अक्टूबर 2019 के आदेश का संज्ञान लिया जाए। उन्होंने मांग की कि सिरोही जिला कलेक्टर को निर्देशित किया जाए कि वे शिक्षा विभाग और अन्य विभागों से बिना रिप्लेसमेंट हटाए गए किसी भी कर्मचारी को जिले से कार्यमुक्त न करें।