भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर आरयूआईडीपी के एईएन जगनलाल बैरवा ने विधायक जयदीप बिहाणी पर जाति-सूचक अपशब्द बोलकर अपमानित करने और बुरी तरह पिटाई करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी ओर से एसडीएम न्यायालय में दिए गए परिवाद पर शुक्रवार शाम जिला अस्पताल में तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने मेडिकल जांच की। इधर, शाम को राजस्थान काउंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स की ओर से जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव के मार्फत सीएम भजनलाल शर्मा को और एसपी हरी शंकर को अलग-अलग परिवाद देकर विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने और इसकी जांच के लिए स्वतंत्र जांच दल, यानी एसआईटी गठित करने की मांग की। इसके साथ ही विधायक सेवा केंद्र में स्थापित कैमरों के सीसीटीवी फुटेज को डिजिटल साक्ष्य के रूप में सुरक्षित करने और उनकी एफएसएल जांच करवाने की मांग भी की। दूसरी तरफ विधायक जयदीप बिहाणी शुक्रवार शाम को अपने समर्थकों के साथ एसपी से मिले। उन्होंने बाहर आकर मीडिया से कहा कि उन्होंने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आग्रह किया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप झूठे और निराधार हैं। एईएन बोले- मेरी इतनी हैसियत कैसे हो सकती है कि मैं विधायक बिहाणी को थप्पड़ मार दूं :: जमानत मिलने के बाद सहायक अभियंता जगनलाल बैरवा ने जिला प्रमुख कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि उनकी इतनी हैसियत कैसे हो सकती है कि वे विधायक सेवा केंद्र में विधायक के साथ मारपीट कर सकें। उन्होंने उलटे आरोप लगाए कि विधायक जयदीप बिहाणी ने उन्हें थप्पड़ ही थप्पड़ मारे। इससे उनकी आंख में चोट लगी। आंख लाल हो गई। फिर उन्हें विधायक सेवा केंद्र में ले जाया गया। वहां उन्हें विधायक के समर्थकों ने बुरी तरह पीटा। इससे उनकी कमर में चोटें आईं। कोहनी पर चोट लगी। पैर के अंगूठे पर भी चोट लगी। उन्होंने चोटों के निशान भी दिखाए। कपड़े भी फटे गए थे। विधायक बोले- मैंने एलएंडटी के काम रूकवाए, इसलिए साजिश के तहत हमला : विधायक जयदीप बिहाणी ने एईएन जगनलाल बैरवा के उन पर लगाए आरोपों पर कहा कि बैरवा काले कोट वालों के जाल में फंस गए हैं। वे काले कोट वालों की रटाई हुई भाषा ही बोल रहे हैं। आरयूआईडीपी और एलएंडटी के चल रहे सारे काम मैंने पहले ही रुकवा दिए हैं। इनके पुराने जितने भी काम बकाया हैं, वे पूरे होंगे। इसके बाद नए काम शुरू करवाए जाएंगे। आरयूआईडीपी और एलएंडटी ने 555 करोड़ के प्रोजेक्ट में मोटा पैसा कमाया है। सीएम को अवगत करवा दिया है। जयपुर से जांच के लिए अधिकारियों की टीम आएगी। जांच होने के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इधर, जवाहरनगर थानाधिकारी इस प्रकरण में विधायक के दबाव में नजर आए। गुरुवार दोपहर के घटनाक्रम के बाद आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता जगनलाल बैरवा, एलएंडटी के मैनेजर शहनवाज हसन तथा इंजीनियर सोहम परमार को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इन तीनों को शुक्रवार सुबह एसडीएम कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। हालांकि, तीनों को हाथों-हाथ जमानत मिल गई। इस बीच, गुरुवार को विधायक सेवा केंद्र में हुए घटनाक्रम के रोष स्वरूप शुक्रवार को राजस्थान काउंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स ने छुट्टी रखी। प्रदेशभर में प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपे गए। प्रांतीय अध्यक्ष बलराम जाखड़ ने बताया कि उन्होंने जयपुर में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से मिलकर प्रकरण बताया है। मुख्य सचिव ने यूडीएच के सचिव रवि जैन को श्रीगंगानगर में प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन मिला है। आंख व पीठ पर चोटों की निशान दिखाते हुए सहायक अभियंता बैरवा।