जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट की टीम ने एक महिला के सिर से 4 किलो का ट्यूमर निकाला। लंबे समय से ट्यूमर का साइज बड़ा होने के कारण उसे चलने-फिरने में भी परेशानी हो रही थी। इसका साइज महिला के सिर से भी ज्यादा बड़ा हो गया ​था। ऑपरेशन के बाद 30 साल की कृष्णा को नई जिंदगी मिल गई है। हालांकि, इससे पहले कई प्राइवेट अस्पतालों में भी दिखाया था, लेकिन वहां डॉक्टर्स ने रिस्क लेने से मना कर दिया था। महिला ने कई प्राइवेट अस्पतालों में दिखाया सर्जरी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. आर.के. जैन ने बताया कि 30 साल की मरीज कृष्णा के सिर में ट्यूमर बनने के बाद उसने कई प्राइवेट हॉस्पिटलों में दिखाया, जहां किसी भी डॉक्टर ने रिस्क लेने से मना करते हुए ऑपरेशन नहीं किया। ट्यूमर के असाधारण आकार, मस्तिष्क की महत्वपूर्ण नसों से जुड़े होने और खेपड़ी की ​हड्डियों को पार करने के कारण इसकी सर्जरी करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। लेकिन जब महिला को SMS हॉस्पिटल के लिए रेफर किया गया तो यहां उसे न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेंट में दिखाया, जहां से इसे प्लास्टिक सर्जरी में भेजा गया। हमारी टीम ने तमाम इंवेस्टिगेशन करवाने के बाद सर्जरी का निर्णय किया। इसमें न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेंट के डॉक्टरों का भी सहयोग लिया। ट्यूमर निकालने के बाद मरीज खतरे से बाहर डॉ. जैन ने बताया कि ये सर्जरी डॉ. अंकित गोयल, डॉ. सौरभ शर्मा, डॉ. दिलप्रीत, डॉ. अंकित और डॉ. संधू के साथ न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अशोक गांधी ने मिलकर की। डॉ. जैन ने बताया कि करीब 3 घंटे से ज्यादा समय तक चली सर्जरी के बाद महिला के सिर से 4 किलोग्राम वजन की ट्यूमर को निकाला गया। मरीज अब खतरे से बाहर है और उसकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।