भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर पंजाबी साहित्य की अभिवृद्धि के लिए साहित्यिक पत्रिका पैड़ां की ओर से राजस्थान के पंजाबी कवियों का पहला संयुक्त काव्य संग्रह ‘कल्कीआं पैड़ां’ का विमोचन कार्यक्रम अंध विद्यालय के सेमिनार हॉल में किया गया। काव्य संग्रह के संपादक डॉ. बलविंदर सिंह चाहल ने काव्य संग्रह को पंजाबी साहित्य के लिए मील का पत्थर बताया। बतौर मुख्य अतिथि पीएमओ डॉ. सुखपाल सिंह बराड़ ने ऐसे साहित्यिक कार्यक्रमों के जरिए नशा मुक्ति का अभियान चलाने की बात करते हुए इस कार्यक्रम की सराहना की। पैड़ां पत्रिका के संपादक राजेंद्र सिंह सहू ने राजस्थान में पंजाबी साहित्य के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी और उन्हें सामाजिक जागृति के लिए निरंतर अपनी कलम को माध्यम बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। संयुक्त काव्य संग्रह में शामिल हैं 20 कवियों की 94 कविताएं : साहित्यिक पत्रिका पैड़ां के प्रवास विशेषांक का विमोचन क्षेत्र की प्रमुख पंजाबी शख्सियतों की उपस्थिति में हुआ। इसमें अंध विद्यालय के संस्थापक स्वामी ब्रह्मदेव महाराज भी मौजूद रहे। इस दौरान डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि इस संयुक्त काव्य संग्रह में बलविंदर सिंह चाहल, राजेंद्र सिंह सहू, शमिंद्र कौर, सरदूल सिंह, लफ्ज़ धालीवाल, फ्लावर सिंह, रणवीर सिंह, प्रीत नवें वाला, सुखदेव सिंह बराड़, सिमरजीत कौर, संधू 18 जैड, गुरविंदर कौर ग्रेवाल, सुखकीरत सिंह ढिल्लों, लखबीर सिंह, परम रूपाल, जगतार चमन, हरदीप सिंह धालीवाल, यादविंदर कौर, बलबीर सिंह शोख सहित 20 कवियों की 94 कविताएं शामिल रहीं। जेईएन इकबाल सिंह ने अपने द्वारा बनाई गई पेंटिंग से अतिथियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ कुलदीप सिंह असि.प्रोफेसर पंजाबी ने किया।