अफसर केवल सरकार के निर्देशों की कागजी पालना कर रहे हैं, जबकि हकीकत यह भी है पिछले साल भी सितंबर में मिड-डे-मील का सघन निरीक्षण कराया गया था। आयुक्तालय से 2025 में दो दिवसीय स्कूलों में मिड-डे-मील सघन निरीक्षण 24 व 25 सितंबर को आयोजित किया गया था। इस अभियान के तहत 150 स्कूलों में 83 प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कहीं मिड-डे-मील बनाने के लिए रखे गेंहूं में चूहे की गंदगी मिली, एक्सपायरी वाले मिल्क पाउडर , खाद्यान में घुन , रसोईघर में गंदगी देखने को मिली। जिसके बाद 30 स्कूलों की रिपोर्ट तैयार कर प्रशासनिक अधिकारियों ने डीईओ एलिमेंट्री को दी। जिसके बाद डीईओ एलिमेंट्री ने उन सभी 30 स्कूलों के संस्था प्रधानाध्यपक को कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस दिया था। वहीं इस वर्ष 2026-27 में 97 अधिकारियों को संघन निरीक्षण में 330 स्कूलों के निरीक्षण के लिए लगाया गया है। बयाना में गेहूं के ड्रम में मिली थी चूहों की गिंदगी 24 सितंबर को बयाना के राउमावि सिंघाड़ा स्कूल में गेहूं के ड्रम में चूहों की गिंदगी मिली थी। विद्यालय की दीवार पर मिड-डे-मील का मेन्यू नहीं था। इसके अलावा भोजन चखने का रजिस्ट्रर भी नहीं मिला। जिसकी रिपोर्ट जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने तैयार की थी। जिसका फोटो अधिकारी से मांगने पर बचाव करते हुए बताया कि गुस्से में फोटो सभी डिलीट कर दिए उनके पास एक भी फोटो नहीं है। एक भी फोटो मीडिया को उपलब्ध नहीं कराया गया