मंच पर बच्चों का कांफिडेंस, चेहरे पर मुस्कान और अपना हुनर दिखाने का उत्साह… यहां देशभक्ति गीतों की गूंज थी। नवज्योति मनोविकास केंद्र के इन स्पेशल बच्चों ने जब मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर के मंच पर जैसे ही ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ गीत पर प्रस्तुति दी, यहां मौजूद सैनिकों और दर्शकों की आंखें नम हो गईं। पूरा हॉल सम्मान में खड़ा हो गया और तालियों की गूंज के बीच बच्चों को स्टैंडिंग ओवेशन मिला। यह पल सिर्फ एक प्रस्तुति की सराहना नहीं, बल्कि बच्चों के हौसले, प्रतिभा और जज्बे को सलाम करने का था। नाटक ‘खिलखिलाते सितारे’ में जहां बच्चों ने सहज अभिनय, भावपूर्ण संवाद और आत्मविश्वास का कमाल दिखाया तो डांस और सिंगिंग में इन दिव्यांग बच्चों ने दिखाया कि उनमें प्रतिभा, क्रिएटिविटी और कांफिडेंस में कोई कमी नहीं है। नाटक ने संदेश दिया कि हर बच्चे में प्रतिभा की अनूठी चमक होती है, जरूरत है तो उसे सही अवसर, प्रोत्साहन और सहयोग देने की। चीफ गेस्ट सेना मेडल एवं विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित अधिकारी व ऑफिसर कमांडिंग, जोधपुर मेजर जनरल अनुराग छिब्बर थे। पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित पैरालंपिक खिलाड़ी डॉ. मालथी के. होला ने अपनी संघर्षपूर्ण जीवन यात्रा और खेल उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए इन दिव्यांग स्टूडेंट्स का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि चुनौतियां किसी की क्षमता और हौसले को सीमित नहीं कर सकतीं। प्रोग्राम में आईआईटी के कई स्टूडेंट्स भी मौजूद थे। संचालन गुलनाज ने किया। आस्ट्रेलिया से आई लुईस ने बांटे अनुभव एक महिला अभिभावक ने विशेष बच्चों के प्रति अपने भाव स्वरचित कविता के जरिए व्यक्त किए। वहीं, ऑस्ट्रेलिया से पिछले पांच वर्षों से संस्थान आ रहीं लुइस फिलिप ने भी बच्चों के साथ अपने जुड़ाव और आत्मीयता को साझा किया।