भास्कर न्यूज | ब्यावर करमाल चौराहा स्थित श्री आद्य शक्ति आशापुरा माता मंदिर अब प्रसिद्ध नाडोल माताजी मंदिर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। रविवार को मंदिर ट्रस्ट की आयोजित विशेष बैठक में प्रवासियों और स्थानीय समाजसेवियों ने मंदिर के कायाकल्प को लेकर हुंकार भरी। प्रवासियों ने मंदिर निर्माण में तन-मन-धन से सहयोग देने का लिखित आश्वासन देते हुए विकास के प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई। बैठक की अध्यक्षता मदन सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि प्रवेश समिति अध्यक्ष राम सिंह कुंपावत रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि मंदिर निर्माण में 11 हजार रुपए से अधिक का सहयोग देने वाले दानदाताओं की सूची सार्वजनिक की जाएगी और उनके नाम मंदिर परिसर में शिलालेख पर अंकित किए जाएंगे। साथ ही मारवाड़ क्षेत्र के अधिक से अधिक प्रवासियों को ट्रस्ट की कार्यकारिणी से जोड़ने का भी प्रस्ताव पारित हुआ। मंदिर निर्माण को लेकर नाडोल मॉडल, जिसमें मंदिर का ढांचा और सुविधाएं नाडोल के मूल मंदिर की तरह, पारदर्शिता, दानदाताओं की सूची और शिलालेख के जरिये सहयोग की सराहना करने व एकजुटता, प्रवासियों को स्थानीय व्यवस्थाओं से जोड़कर बड़े स्तर पर विकास का रोडमैप तैयार करने पर सहमति बनी। 31 को महाजुटान, रावत राजपूत महासभा भी रहेगी साथ ट्रस्ट सचिव माधुसिंह खिमावत ने बैठक का एजेंडा रखते हुए आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। मारवाड़ क्षेत्र के समस्त गांवों की एक बड़ी बैठक 31 मई को सुबह 10 बजे बुलाई गई। यह बैठक श्री आद्य शक्ति आशापुरा माता मंदिर ट्रस्ट और रावत राजपूत महासभा ब्यावर के संयुक्त सानिध्य में आयोजित होगी। इस बैठक की तैयारियों को लेकर 10 मई को एक और प्रारंभिक बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी। इस अवसर पर मदन सिंह, रामसिंह अध्यक्ष प्रवेश समिति, सचिव माधुसिंह खिमावत, जय रामसिंह गहलोत सह-सचिव, कोषाध्यक्ष नरेंद्र सिंह गहलोत, वरद सिंह खिमावत, प्रभुसिंह सोडावत ढाल आदि मौजूद थे।