प्रदेश में वाहवाही लूटने के लिए शुरू किए गए चार सरकारी विश्वविद्यालयों के हालात बेहद चिंताजनक हैं। चार में से सिर्फ एक में स्थायी कुलगुरु हैं, दो में कार्यवाहक और एक में तो कुलगुरु है ही नहीं। न कोर्स हैं, न स्टाफ; सिर्फ सरकार ने घोषणा कर दी। अब इन 4 विश्वविद्यालयों के औचित्य और आवश्यकता की समीक्षा के लिए राज्यपाल ने कमेटी गठित की है। यह हाईलेवल कमेटी वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इन विश्वविद्यालयों की आवश्यकता, उपादेयता, औचित्य और स्थिति की समीक्षा कर राज्यपाल को रिपोर्ट देगी। इसके बाद इनके संबंध में निर्णय लिया जाएगा। राजभवन ने विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय जयपुर, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी झुंझुनूं, बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय जयपुर और महात्मा गांधी दिव्यांग विवि जोधपुर के लिए यह कमेटी बनाई है। एसीएस, दो कुलगुरु करेंगे जांच राजभवन के इस हाईलेवल कमेटी की खास बात यह है कि इसमें इन चारों विश्वविद्यालयों से जुड़े विभागों के किसी भी प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया गया है। कमेटी में उच्च शिक्षा विभाग के एसीएस को संयोजक बनाया गया है। इसके अलावा, तकनीकी विश्वविद्यालय और एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय के कुलगुरुओं को सदस्य बनाया गया है। ये चारों विश्वविद्यालय खेल विभाग, सामाजिक न्याय विभाग और कौशल विभाग के अंतर्गत आते हैं, लेकिन इसके बावजूद राजभवन ने कमेटी में उच्च शिक्षा विभाग के एसीएस के साथ एग्रीकल्चर और तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरुओं को शामिल किया है। कहीं वीसी कार्यवाहक, कुछ विवि में स्टाफ तक नहीं