श्रीगंगानगर में जिला स्तरीय डीएलसी (डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी) की बैठक में जिलेभर की सरकारी (डीएलसी) दरों में संशोधन का प्रस्ताव पारित कर दिया गया है। कई क्षेत्रों में 5 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है। कुछ क्षेत्रों में केवल दरों का राउंड ऑफ और विसंगतियों का सुधार किया गया है। जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब इसे अंतिम अनुमोदन के लिए महानिरीक्षक स्टाम्प एवं पंजीयन को भेजा जाएगा। डीएलसी बैठक में आए प्रस्ताव आमतौर पर लागू हो जाते हैं। बैठक में उप पंजीयक नवीन गर्ग, जिले के सभी उप-पंजीयक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। विसंगतियों को बनाया गया आधार प्रस्ताव में बाजार मूल्य, नई विकसित कॉलोनियों, भारतमाला कार्यालय ताहसीलदार (राजस्व) एंव कार्यपालक मजिस्ट्रेट परियोजना, हाईवे, नगर निकाय विस्तार और पूर्व डीएलसी विसंगतियों को आधार बनाया गया है। साथ ही कई स्थानों पर सड़क के दोनों ओर की अलग-अलग दरों को समान करने का भी निर्णय लिया गया है। श्रीगंगानगर शहर में नगर परिषद और यूआईटी क्षेत्र के 52 चकों की कृषि भूमि में नई कॉलोनियां विकसित होने के कारण 30 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित है। वहीं रिद्धि-सिद्धि, होमलैंड सिटी, सुखाड़िया सर्किल और एसएसबी रोड जैसे तेजी से विकसित क्षेत्रों में भी डीएलसी दरों में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। करीब 10 आवासीय एवं व्यावसायिक जोन में बाजार मूल्य बढ़ने के कारण दरें बढ़ाई गई हैं, जबकि 18 पुराने जोन समाप्त कर दिए गए हैं। पहली बार डीएलसी में शामिल कॉलोनियां कार्यलय उपपंजीयन श्रीगंगानगर, मुकलावा सूरतगढ़, रायसिंहनगर, पदमपुर और चूनावढ़ जैसे क्षेत्रों में नई कॉलोनियों को पहली बार डीएलसी में शामिल किया गया है। कई हाईवे और भारतमाला परियोजना से जुड़े क्षेत्रों के लिए भी नई दरें प्रस्तावित की गई हैं। अनूपगढ़, श्रीविजयनगर, सूरतगढ़ में नगरपालिका क्षेत्र के वार्डों, कॉलोनियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार मूल्य के अनुरूप 5 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव है। वहीं अनूपगढ़ में विकसित कॉलोनियों और हाईवे से जुड़े क्षेत्रों में 10 से 25 प्रतिशत तक संशोधन किया गया है। अलग-अलग श्रेणियों में डीएलसी दरों का पुनर्निर्धारण प्रस्तावित सादुलशहर, घड़साना, रावला, मिर्जेवाला, 365 हैड, राजियासर, जैतसर, लालगढ़ जाटान, श्रीकरणपुर, बींझवायला, रिडमलसर, केसरीसिंहपुर और गजसिंहपुर सहित अधिकांश क्षेत्रों में बाजार मूल्य, हाईवे संपर्क, नई कॉलोनियों और राउंड ऑफ के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में डीएलसी दरों का पुनर्निर्धारण प्रस्तावित किया गया है। कई क्षेत्रों में कोई वृद्धि नहीं की गई, जबकि कई जगह केवल तकनीकी विसंगतियां दूर की गई हैं। कोई जनप्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ बैठक की एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि इसमें कोई जनप्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुआ। स्थानीय विधायक जयदीप बिहानी ने लिखित सहमति भेजते हुए रीको क्षेत्र की डीएलसी दरें कम करने का सुझाव भी दिया। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संशोधित डीएलसी दरों को एक सप्ताह के भीतर अंतिम रूप देकर ऑनलाइन अपलोड किया जाए। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद नई डीएलसी दरें लागू होंगी, जिससे स्टाम्प ड्यूटी, पंजीयन शुल्क और प्रॉपर्टी खरीद विक्री की लागत पर सीधा असर पड़ेगा।