रायसिंहनगर में करीब साढ़े तीन साल पहले हुए दुलीचंद उर्फ निक्कू हत्याकांड में कोर्ट ने एक पति-पत्नी सहित 6 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी पर 32-32 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। 13 मार्च 2023 की रात खेत में पशुओं की रखवाली कर रहे दुलीचंद के साथ मारपीट की गई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। खेत में रखवाली कर रहे दुलीचंद से मारपीट, घर ले जाकर भी पीटा अपर लोक अभियोजक वेदप्रकाश ठंडी ने बताया - 13 मार्च 2023 की रात दुलीचंद उर्फ निक्कू (38) अपने खेत में पशुओं की रखवाली कर रहा था। इसी दौरान आरोपी खेत में पहुंचे और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद वे उसे उठाकर 14 एसजेडीएम स्थित कल्याणराम के घर ले गए। वहां भी दुलीचंद के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हुई थी मौत घटना की सूचना मिलने पर दुलीचंद का भाई रमेश कुमार और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में दुलीचंद को पहले समेजा कोठी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे श्रीगंगानगर जिला हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान 13 और 14 मार्च की रात उसकी मौत हो गई। भाई ने दर्ज करवाई थी रिपोर्ट दुलीचंद के भाई रमेश कुमार ने 14 मार्च 2023 को समेजा कोठी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने कल्याणराम, विनोद कुमार, नरसीराम, निर्मला देवी, जोतराम और भागीरथ के खिलाफ हत्या, अपहरण, आपराधिक अतिक्रमण सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी 6 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। 20 गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट बनी सजा का आधार मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों के बयान करवाए और कई दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। कोर्ट ने माना कि आरोपियों ने गैरकानूनी जमावड़ा बनाकर पहले खेत में दुलीचंद के साथ मारपीट की और फिर उसे कल्याणराम के घर ले जाकर पीटा। इस दौरान उसे गंभीर चोटें आईं। मेडिकल रिपोर्ट में सिर की चोट को मौत का कारण बताया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, बरामदगी और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सभी 6 आरोपियों की भूमिका को अहम माना। इसके बाद भारतीय दंड संहिता की धाराओं में सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 32 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।