श्रीगंगानगर की कोतवाली थाना पुलिस ने 720 से अधिक निवेशकों के साथ लगभग 1 करोड़ 63 लाख 72 हजार 679 रुपए की आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में 20 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत में आरोप है कि निवेशकों को ज्यादा मुनाफा और सुरक्षित निवेश का भरोसा देकर विभिन्न योजनाओं में पैसा जमा करवाया गया, लेकिन समय पूरा होने के बावजूद न तो मूल पैसे लौटाए गए और न ही रिटर्न मिला। 2012 से 2021 तक धोखाधड़ी की एफआईआर के अनुसार, कथित धोखाधड़ी का सिलसिला साल 2012 से 31 दिसंबर 2021 के बीच का है। 29 बी ब्लॉक निवासी शिकायतकर्ता सरोज ने अन्य पीड़ित निवेशकों की ओर से शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई फिक्स्ड डिपॉजिट और मासिक आवर्ती जमा जैसी योजनाओं में लगाई थी। समय पूरा होने के बाद भी निवेशकों को पैसा नहीं मिला, जिससे सैकड़ों परिवार आर्थिक संकट में फंस गए। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि निवेशकों से पैसा समृद्ध जीवन मल्टी स्टेट मल्टी पर्पस को-ऑपरेटिव सोसायटी, प्रॉस्पेरिटी एग्रो इंडिया लिमिटेड (पीएआईएल) और बाद में दौलत प्राइड इंडिया लिमिटेड (डीपीआईएल) के माध्यम से लिया किया गया। कंपनियों ने बेहतर रिटर्न और समय पर भुगतान का भरोसा दिलाया, लेकिन भुगतान नहीं किया। 20 लोगों को नामजद किया गया एफआईआर में कंपनियों के चेयरमैन, निदेशक, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता, प्रदेश स्तर के पदाधिकारी और श्रीगंगानगर इकाई से जुड़े पदाधिकारियों समेत 20 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें महेश किशन, लीना मोटवर, वैशाली, राजकुमार, प्रशांत किशोर समेत अधिकांश प्रमुख आरोपी महाराष्ट्र के पुणे और सतारा क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं, जबकि कुछ आरोपी श्रीगंगानगर से संबंधित हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह मामला एक-दो लोगों तक सीमित नहीं, बल्कि 720 से ज्यादा निवेशक इस धोखाधड़ी से प्रभावित हुए हैं। निवेशकों के टोटल 1.63 करोड़ से ज्यादा फंसे हुए हैं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।