श्रीगंगानगर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए जिले में गुरुवार रात 9 बजे हवाई हमले की चेतावनी और ब्लैकआउट को लेकर मॉक ड्रिल की गई। इस दौरान शहर में लगाए गए करीब 35 सायरन एक साथ बजे और करीब 40 मिनट तक जिलेभर में पावर कट लगाया गया और शहर में अंधेरे में रहा। जिला कलेक्टर ड़ॉ. अमित यादव ने कहा- जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट परिसर में अचानक हुए आतंकी बम हमले की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन का समूचा अमला तत्काल मौके पर पहुंचा। हमले में घटनास्थल पर घायलों को प्राथमिक उपचार के पश्चात एम्बुलेंस द्वारा चिकित्सालय ले जाकर चिकित्सा आरंभ की गई। कलेक्ट्रेट परिसर में अचानक हुए आंतकी बम हमले की सूचना मिलने पर फायर गाड़ियों द्वारा तत्काल आग पर काबू पाया गया। सिविल डिफेंस की टीम द्वारा परिसर में फंसे नागरिकों को रस्सी के माध्यम से रेसक्यू किया गया। मौके पर घटना की जानकारी मिलते ही जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव, पुलिस अधीक्षक हरिशंकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व राहत में लगे दल कार्मिकों के साथ आवश्यक उपकरण लेकर पहुंचे। घटना स्थल पर घायल नागरिकों को प्राथमिक उपचार के पश्चात एम्बुलेंस द्वारा जिला चिकित्सालय ले जाया गया। विभिन्न विभागों ने किया संयुक्त अभ्यास यह मॉक ड्रिल भारत सरकार के निर्देशानुसार जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव के मार्गदर्शन में आयोजित हुई। इसमें नागरिक सुरक्षा, पुलिस विभाग, अग्निशमन सेवा, चिकित्सा विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग सहित कई विभाग शामिल हुए। आपात स्थिति में तैयारियों की हुई जांच प्रशासन के अनुसार इस अभ्यास का उद्देश्य हवाई हमले जैसी आपात परिस्थितियों में विभिन्न विभागों की तत्परता, प्रतिक्रिया क्षमता और आपसी समन्वय का परीक्षण करना था। नए सायरनों की भी हुई टेस्टिंग ऑपरेशन सिंदूर के बाद शहर के कई क्षेत्रों में नए सायरन लगाए गए हैं। इन्हें भी इस मॉक ड्रिल के दौरान परखा गया ताकि इनकी कार्यप्रणाली की जांच की जा सके। इस दौरान जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट के दौरान किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं। यह केवल एक पूर्व निर्धारित अभ्यास है।