नगर परिषद, श्रीगंगानगर द्वारा नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों का आंदोलन तेज हो गया है। बुधवार को नरसिंहपुरा-मांझूवास क्षेत्र में कचरा प्लांट स्थल पर 20 गांवों के हजारों ग्रामीणों ने महापंचायत आयोजित की। इस महापंचायत में बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि शहर की गंदगी गांव में नहीं आने देंगे। 'प्रशासन से सीधे मुकाबला करेंगे' महापंचायत के दौरान गौशाला के पास निहंग सिखों ने भी प्रदर्शन किया। निहंगों ने कहा- यदि यहां कचरा प्लांट लगाया गया तो जिला प्रशासन से सीधे मुकाबला करेंगे। गौभक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला यह प्लांट क्षेत्र की सबसे बड़ी गौशाला (गोधाम) के बिल्कुल पास प्रस्तावित है, जिससे पशुओं और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन द्वारा प्लांट स्थल पर कराई गई तारबंदी को भी उखाड़ फेंका। कचरा प्लांट हटाओ संघर्ष समिति की जिला प्रशासन के साथ दो दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। स्थिति को देखते हुए जिलेभर से पुलिस बल प्लांट स्थल के आस-पास तैनात किया गया है। एसपी हरीशंकर मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। कांग्रेस विधायक ,रूबी कुन्नर का समर्थन ग्रामीणों के समर्थन में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष व श्रीकरणपुर विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर भी सैकड़ों समर्थकों के साथ धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ खड़े होने का भरोसा दिलाया। इससे पहले भी विधायक कुन्नर सद्बुद्धि यज्ञ कर इस मुद्दे पर प्रशासन को चेतावनी दे चुके हैं। तीन जगहों पर प्रयास, हर जगह विरोध जिला प्रशासन ने अब तक तीन अलग-अलग जगहों पर कचरा प्लांट लगाने की कोशिश की, लेकिन हर जगह ग्रामीणों ने डटकर विरोध किया। ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से बदबू, मक्खी-मच्छर, जल प्रदूषण (एलएनपी मुख्य नहर के पास), खेती-किसानी और पशुपालन पर बुरा असर पड़ेगा। गुरुकुल कन्या आश्रम, पशु चिकित्सालय और तालाबों की निकटता भी बड़ा मुद्दा है। कचरा प्लांट हटाओ संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि जब तक प्लांट पूरी तरह हटाया नहीं जाता, आंदोलन जारी रहेगा। लोकायुक्त नोटिस और हाईकोर्ट में चल रही सुनवाइयों के बीच प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। जिला प्रशासन अब वैकल्पिक स्थल और स्थायी समाधान ढूंढने में जुटा है। इन जगहों पर प्रस्तावित था प्लांट