कोटा के स्टोन शिपर्स फैक्ट्री में सोमवार को कर्मचारियों ने फैक्ट्री गेट के बाहर धरना-प्रदर्शन कर कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। रानपुर इलाके में स्थित इस फैक्ट्री से 60 कर्मचारियों की छंटनी के विरोध में कर्मचारियों ने नाराजगी जताई। कर्मचारियों का आरोप है कि 1 जुलाई से फैक्ट्री गेट पर छंटनी का नोटिस चिपका दिया गया। रात 10 बजे मोबाइल संदेश के जरिए 60 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। उनका कहना है कि इससे पहले प्रबंधन ने किसी कर्मचारी को नहीं निकालने का आश्वासन दिया था, लेकिन बिना पूर्व सूचना यह कार्रवाई कर दी गई। नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को बहाल करने की मांग स्टोन शिपर्स कर्मचारी संघ ने छंटनी नोटिस तत्काल रद्द करने, सभी कर्मचारियों को पुनः काम पर रखने, संघ के साथ वार्ता करने और श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो श्रम विभाग की शरण लेने के साथ शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन को तेज किया जाएगा। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नाथूलाल गोस्वामी ने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने दमनकारी नीति अपनाते हुए 20 से अधिक वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया। उन्होंने कहा कि अधिकांश कर्मचारी 50 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं और इस उम्र में नई नौकरी मिलना बेहद कठिन है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को वापस रखने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो कर्मचारी सुसाइड करने पर मजबूर हो जाएगा। वहीं भारतीय मजदूर संघ ने भी प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को अपना समर्थन देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।