उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी को जल्द ही स्थायी कुलगुरु मिलने की उम्मीद है। इस बीच कार्यवाहक कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने 1 जुलाई से नए शैक्षणिक सत्र की पढ़ाई समय पर शुरू कराने का लक्ष्य रखा है। पिछले छह महीनों में विश्वविद्यालय में कई बड़े बदलाव किए गए हैं, जिससे शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार देखने को मिला है। अक्टूबर 2025 में अतिरिक्त कार्यभार संभालने के बाद कोटा विश्वविद्यालय के कुलपति (VC) प्रो. सारस्वत के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी- विवादों और प्रशासनिक सुस्ती से जूझ रहे विश्वविद्यालय को पटरी पर लाना। बीते महीनों में उन्होंने लंबित बैठकों को आयोजित कर बजट पास करवाया, साथ ही प्रबंध मंडल, अकादमिक परिषद और अधिष्ठाता परिषद के जरिए कई अहम नीतिगत फैसले लागू किए। छात्रों और कर्मचारियों से जुड़े फैसलों को प्राथमिकता उनका मानना है कि उन्होंने छात्रों और कर्मचारियों से जुड़े फैसलों को प्राथमिकता दी। परीक्षा प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए हार्ड कॉपी जमा कराने की अनिवार्यता खत्म की गई, वहीं अंतिम वर्ष के छात्रों को अंकतालिका के साथ ही माइग्रेशन और प्रोविजनल प्रमाण पत्र देने की सुविधा शुरू की गई। विश्वविद्यालय के दस्तावेजों को ऑनलाइन आवेदन के जरिए घर बैठे प्राप्त करने की व्यवस्था भी लागू की गई। करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत अटकी पदोन्नतियों को आगे बढ़ाया उन्होंने इन छह महीने में करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत अटकी पदोन्नतियों को आगे बढ़ाया गया, वहीं अशैक्षणिक कर्मचारियों की प्रमोशन प्रक्रिया भी तेजी से पूरी कर आदेश जारी किए गए। शोधार्थियों की करीब 200 लंबित फाइलों पर निर्णय लेकर अकादमिक गतिविधियों को आगे बढ़ाया। इसी दौरान उन्होंने तय किया कि विश्वविद्यालय ने अन्य विश्वविद्यालयों से पहले प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर 1 जुलाई से नए सत्र में पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य तय किया है। अब जब स्थायी कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है, तो यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या आने वाला नेतृत्व इसी गति और फैसले लेने की क्षमता को बनाए रख पाएगा या फिर विश्वविद्यालय एक बार फिर धीमी रफ्तार में लौट जाएगा। नए कुलपति के नाम का जल्द होगा ऐलान सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में स्थायी कुलगुरु की तलाश अंतिम चरण में है। दो महीनों से चल रही चयन प्रक्रिया के बाद राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े की बनाई 4 सदस्यों वाली सर्च कमेटी ने आवेदनों की छंटनी (स्क्रूटनी) का काम पूरा कर लिया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कमेटी ने दो दौर की महत्वपूर्ण बैठकों के बाद देशभर के 70 से अधिक आवेदकों में से 5 वरिष्ठ शिक्षाविदों के नाम शॉर्टलिस्ट किए हैं। घोषणा इसी अप्रैल महीने अंत तक होने की संभावना जताई जा रही है।