जैसलमेर में शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन सीमावर्ती इलाकों के मंदिरों में पूजा-अर्चना और दर्शन का दौर जारी है। भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित प्रसिद्ध तनोट माता मंदिर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों और जवानों ने पूरे विधि-विधान के साथ माता रानी की पूजा-अर्चना की और देश की सुरक्षा और खुशहाली की कामना की। तनोट माता मंदिर को 'थार की वैष्णो देवी' भी कहा जाता है, जहां हर साल नवरात्र के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी के स्वरूप की पूजा की जा रही है। अलसुबह से ही मंदिरों के बाहर लंबी कतारें लग गईं और जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। शाम को होगी महाआरती श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर कमेटियों और स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां की हैं। लाइनों को व्यवस्थित करने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए हैं। पेयजल, छाया और प्राथमिक चिकित्सा की पूरी व्यवस्था की गई है। तनोट माता मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों को कोई परेशानी न हो। शाम के समय मंदिरों में भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही शहर के विभिन्न पंडालों में डांडिया और गरबा रास की धूम रहेगी। देखें पूजन की तस्वीरें…